झाँसी : कोरोना से 3 की मौत, 881 संक्रमित मिले ; कोरोना की दूसरी लहर से स्थिति हुई भयावह

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

20 अप्रैल

झाँसी में कोरोना से 3 की मौत, 881 नये कोरोना पाजिटिव मरीज मिले
झाँसी। कोरोना का कहर झांसी में थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को झाँसी में कोरोना से 3 की मौत हो गयी। वहीं 881 नये कोरोना संक्रमित मरीज मिले।  जिला प्रशासन द्वारा जारी कोरोना बुलेटिन के अनुसार मंगलवार 20 अप्रैल को 4183 कोरोना सैम्पल जांचे गये जिसमें 1612 आरटी-पीसीआर, 19 ट्रूनैट एवं 2552  एंटीजन टैस्ट किये गये। इसमें रिकार्ड 881  कोरोना पाजिटिव मरीज पाये गये। इस प्रकार झाँसी में अब तक 17968 कोरोना पाजिटिव मरीज हो चुके हैं। इसमें 5671 एक्टिव कोरोना मरीज हैं। वहीं झाँसी में उपचार के दौरान 3 कोरोना मरीजों की मौत हो गयी। इस प्रकार झाँसी में कोरोना मृतकों की संख्या 194 हो गयी है।  वहीं अभी तक 12103  कोरोना मरीज डिस्चार्ज किये जा चुके हैं। इसमें विभिन्न स्वास्थ केन्द्रों में भर्ती 9655 कोरोना मरीज डिस्चार्ज किये गये जिसमें 156 मंगलवार को डिस्चार्ज किये गये। वहीं होम आइशोलेशन पूर्ण होने पर अभी तक 2448 कोरोना मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया जिसमें 88 मंगलवार को स्वस्थ घोषित किये गये। इस प्रकार झाँसी में अब 5671 एक्टिव कोरोना पाजिटिव मरीज हैं जिसमें 101 की हालत गंभीर है। झाँसी में कोरोना रिकवरी रेट 67.35 प्रतिशत है । वहीं सी.एफ.आर.1 है।

कोरोना की दूसरी लहर से झाँसी में भी स्थिति हुई भयावह
तेजी से बढ़ रही एक्टिव केसों की संख्या
न मिल रहे इंजेक्शन और न ही मिल रहे बैड, जनता में बढ़ता जा रहा हैं आक्रोश
झाँसी। कोरोना की दूसरी लहर ने प्रदेश की राजधानी के साथ साथ अब झाँसी में भी अपना प्रकोप छोड़ना शुरु कर दिया है। कोरोना की दूसरी लहर में झाँसी में बीते 24 घंटे में जहां सात लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, वहीं 457 नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उठा रखी है। झाँसी में पिछले एक सप्ताह से यह आंकड़े बेहद चौका रहे हैं क्योंकि अब जनपद में एक्टिव केसों की संख्या पांच हजार को पार कर गई है। कोरोना महामारी की लहर से हर दूसरा व्यक्ति अब संक्रमित हो रहा है और अपनी जान बचाने के लिए स्वास्थ्य महकमे में सिस्टम की बेचारी भी झेल रहा है।

झाँसी के हालात काफी खराब
झाँसी में कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है। यहां प्रत्येक दिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या सैकड़ों से अधिक आ रही है, लिहाजा झाँसी में यह आंकड़ा अब पांच हजार को पार चुका है। अगर सरकारी आंकड़ों की बात की जाये तो सोमवार को सात व्यक्तियों ने कोरोना से जंग लड़ने के दौरान अपनी जान गंवा दी है, लेकिन हर आंकड़ों पर गौर न किया जाए तो यह संख्या दर्जनों से ऊपर पहुंच चुकी है। कोरोना की दूसरी लहर के रोकथाम के प्रशासन लाख दावे जरुर रोज कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही देखने को मिल रही है। प्रत्येक दिन बाजारों में उमड़ने वाली हजारों की भीड़ और बैंकों के बाहर लाइन लगाने वाले पंचायत चुनाव के प्रत्याशी सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का प्रयोग करते नहीं दिख रहे हैं। लिहाज प्रत्येक दिन झाँसी में कोरोना के चौंकने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। जिला प्रशासन ने बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए जिले में नाईट कर्फ्यू का भी ऐलान कर दिया है, लेकिन बावजूद इसके आंकड़ों में कोई कमी आती नजर नहीं आ रही है। इसके अलावा शुक्रवार से सोमवार तक लॉकडाउन लगने जा रहा है।

न इंजेक्शन  न ही मिल रहे है बैड
कोरोना का इलाज करने आ रहे मरीजों को न तो इंजेक्शन दिए जा रहे हैं और न ही सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में बैड। यह हालात झाँसी शहर में चार दिनों से बन हुए हैँ। रोजाना कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौतें हो रहे हैं लेकिन यह आंकड़े में नहीं है। शमशान घाट जाकर पता चलता है कि फलां की मौत कोरोना से हुई है। लोगों का कहना है कि इंजेक्शन भी वीआईपी लोगों को दिए जा रहे हैं। गरीबों की कोई सुनने वाला नहीं है। चर्चा यह है कि जिन लोगों को जिम्मेदारी इंजेक्शन की दी गई हैं। वह लोग भी अपने चहेते को दे रहे हैं। इसको लेकर झाँसी की जनता में काफी आक्रोश भड़क रहा है। यह आक्रोश झाँसी में किसी भी समय भयावह हो सकता हैं।

जान मेरी, अर्थी प्रशासन की
कोरोना की भयावह स्थिति सामने आ रही है। अप्रैल माह में ही अब तक आधिकारिक आंकड़े के अनुसार 17 लोगों की मौत हो चुकी हैं, वहीं इतनी ही संख्या में गैर सरकारी आंकड़े भी है जिनकी मौत बाहर हुई है। कोविड से मौत के बाद ऐसे भी मौके आए हैं कि शव के अंतिम संस्कार को स्वजन तैयार नहीं होते हैं। कोविड प्रोटोकॉल के तहत कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद संबंधित अधिकारी और पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया जाता है।


शहर में है खौफ का माहौल
 शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंद  वशिष्ठ ने महानगर की हालत देखते हुए कहा कि संपूर्ण शहर में खौफ का माहौल है जनता इस कदर दहशत में है कि वह अपना सामान्य जीवन नहीं जी पा रही है, क्योंकि चारों तरफ कोरोना  मरीजों की संख्या बढ़ रही है और कोरोना मरीज इलाज के अभाव में इधर उधर भटक रहे हैं। सरकारी एवं प्राइवेट अस्पताल में बेड खाली नहीं है यहां तक की ऑक्सीजन एवं दवाई भी नहीं मिल पा रही हैं। लाइफ सेविंग रेमडेसिविर इंजेक्शन की शहर में उपलब्धता न के बराबर है गरीब आदमी सीटी स्कैन नहीं करवा पा रहा है। अतः सीटीएन की सीटी स्कैन की व्यवस्था एवं ब्लड टेस्ट कोविड मार्कर टेस्ट की सुविधा प्रदान की जाए, जिससे निरंतर मौतों पर काबू पाया जा सके  हालात को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी को ई मेल कर तुरंत राहत की अपील की है।


रेमडेसिाविर इंजेक्शन’ कालाबाजारी, होगा आन्दोलन: पंकज रावत
भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज रावत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि देश संकट के दौर से गुजर रहा है और ऐसे में आवश्यक दवाओं की कालाबाजारी खुलेआम हो रही है, न तो सरकार और न ही संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे है।
रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के स्पष्ट आदेश के बाद भी ‘रेमडेसिविर इंजेक्शन’ की कालाबाजारी खुलेआम हो रही है जो मौत के आंकड़ों पर और भी बढ़ा रही है। ड्रगमाफियो पर न तो मुख्यमंत्री और न ही संबंधित विभाग का कोई असर हो रहा है।  रावत ने कहा कि भारतीय प्रजाशक्ति नहीं चाहती कि इस संकट के समय में कोई राजनीति करें लेकिन अब लगता है कि जनता की जान बचाने के लिए सड़क पर उतरना ही होगा। रावत ने कहा कि जो भी इवाई की  कालाबाजारी मे लिप्त है पार्टी उन्हें ‘ऑन द स्पॉट’ सबक सिखायेगी साथ ही संबंधित अधिकारियों की दूषित कार्याशैली को लेकर भी मुख्यमंत्री से अपील करेगी की भ्रष्ट अधिकारियों को माहामारी काल में पदमुक्त कर दिया जाये।  रावत ने कहा कि यदि कालाबाजारी करने वाले बाज नहीं आते तो पार्टी को सड़क पर उतरने में कोई संकोज नहीं करेगी।

कोरोना से बचने हेतु चलाया जन जागरूकता अभियान
कोरोना वायरस का खतरा हम सब के सामने है परन्तु इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है बल्कि कुछ सावधानियां बरतनी होगी जिससे हम आसानी से स्वयं को व अन्य को भी इसके चपेटे में आने से बचा सकते हैं ।
बिना मास्क लगाकर निकलना यानि सीधे सीधे बीमारी को गले लगाने के बराबर ही है इसलिए इसका ध्यान रखना जरूरी है । नगर निगम झाँसी द्वारा चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के क्रम में जिला जनकल्याण महासमिति द्वारा अनवरत रुप से प्रतिदिन लोगों को स्वच्छता एवं प्रतिबंधित पालीथीन प्लास्टिक उपयोग न करने के लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है । इसी के तहत विभिन्न स्थानों पर जहां लोग बेवजह घरों से बाहर निकल रहे हैं,उन्हें मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया गया तथा अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है ‌। इस मौके पर समिति के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ जितेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि अगर आपको संक्रमण होने की संभावना लगती है तो बिल्कुल भी घबराए नहीं बल्कि चिकित्सक से परामर्श कर उपचार करायें और अन्य लोगों से दूरी बनाकर रखें ।  इस मौके पर मास्क का भी वितरण किया गया । इस मौके पर संतोष गोड, गुरजीत सिंह, आदि उपस्थित रहे ।