मऊरानीपुर समेत विभिन्न नगरों में गहोई दिवस का आयोजन 17 जनवरी को

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

15 जनवरी

झाँसी :- बुन्देलखण्ड के विभिन्न नगरों में गहोई समाज के लोगों व संगठनों द्वारा गहोई दिवस को धूमधाम से मनाए जाने की तैयारियां शुरू हो गईं हैं । वैश्य वर्ण की गहोई महत्वपूर्ण जाति है । गहोई वैश्य मूलतः बुन्देलखण्ड में ही बहुतायत में निवास करते हैं । कुछ दशकों से गहोई समाज के लोग देश के विभिन्न महानगरों व प्रान्तों में भी स्थाई रूप से रहने लगे हैं ।
गहोई समाज के लोग वैष्णव होते हैं और उनके आराध्य सूर्य देव हैं । मकरसंक्रांति के अगले रविवार को गहोई समाज के लोग गहोई दिवस के रूप में धूमधाम से मनाते हैं । गहोई दिवस पर गहोई समाज के लोग सामुहिक रूप से अपने आराध्य भगवान भास्कर की पूजा अर्चना करते हैं । इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम व खिचडी सहभोग का आयोजन किया जाता है । झाँसी के अलावा छतरपुर ,टीकमगढ़ ,सागर ,जबलपुर ,गाडरवारा ,अमरावती ,इंदौर ,भोपाल ,उज्जैन , ऊरई ,ग्वालियर ,भिंड , लहार ,मिहोना ,दबोह , आलमपुर , मोठ , दतिया ,करेरा ,शिवपुरी ,पिछोर ,डबरा ,मुंबई ,पुणे , कानपुर,चित्रकूट , कटनी , रायपुर समेत देेेश के विभिन्न स्थानों पर गहोई दिवस धूमधाम से मनाया जाता है ।
बुन्देलखण्ड की प्राचीन व्यावसायिक ,सांस्कृतिक व साहित्यिक नगरी मऊरानीपुर में श्री गहोई वैश्य पंचायत के तत्वावधान में दिनांक 17 जनवरी को अपराह्न एक बजे श्री गहोई धर्मशाला स्थित गौरीशंकर भवन में गहोई दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा । गहोई समाज के सरपंच ओम प्रकाश मोदी काका जी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में ध्वजारोहण ,खिचडी सहभोग ,प्रसाद वितरण व सामाजिक विमर्श आदि होगा । गहोई समाज के सरपंच श्री मोदी ने गहोई समाज के लोगों से गहोई दिवस पर होने वाले आयोजन में समय से उपस्थित होने का अनुरोध किया है ।