सावधान : ये शराब सुरुर नहीं, मौत जरुर देगी

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

11 जनवरी

ये शराब सुरुर नहीं, मौत जरुर देगी
दूसरे राज्यों की बताकर नकली पैकिंग में बेची जाती है शराब
झाँसी। प्रदेश में कई जिले जहरीली शराब के गढ़ बन चुके हैं। बुलंदशहर की घटना के बाद झाँसी में भी कार्रवाई तेज हो गई है। झाँसी में शराब की कइयों बार मिलावटी शराब की सामग्री बरामद हो चुकी हैँ। इसके बावजूद जिले के मार्डन शॉप व शराब की दुकानों में नकली शराब की बिक्री की जा रही है।

मिथाइल एल्कोहल जानलेवा
मिथाइल एल्कोहल से बनी शराब पीना मौत का सबसे बड़ा कारण साबित होता है। विशेषज्ञ इसका कारण बताते हैं कि मिथाइल एल्कोहल लिवर को सबसे पहले प्रभावित करता है। लिवर में पहुंचते ही यह फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है। लिवर इसे डिटॉक्सिफाई नहीं कर पाता, इस कारण यह फॉर्मेक एसिड और फॉर्मोल्डिहाइड में बदल जाता है। ऐसे में यह ऑख, दिमाग को भी सीधे तौर पर प्रभावित करता है।

15 एमएल शुद्ध मिथाइल एल्कोहल से भी हो सकती है मौत
मिथाइल एल्कोहल की बात करें तो यह एमएल शुद्ध रुप से भी लिया जो तो भी जानलेवा साबित हो सकता है। हालांकि अलग-अलग जगहों पर इसका असर भी बदल जाता है।

कैसे पहुंचता है मौत का सामान
एल्कोहल बनाने के दौरान दो क्रिया होती है। इसमें एक में एथाइल और दूसरा मिथाइल बनता है। मिथाइल जहरीला होता है, इसलिए इसे पेंट इंडस्ट्री, हैंड सेनिटाइजर आदि बनाने किया जाता है। पॉलिस्टर कंपनी में भी इसकी उपलब्धता रहता है। हरियाणा और एमपी से टैंकर के माध्यम से इन्हें दूसरे राज्यों को भेजने के बाद शराब माफिया से एथाइल एल्कोहल समझकर खरीद लेते हैं।

कच्ची शराब भी जहरीली
कच्ची शराब का लहन बनाने के दौरान उसे अधिक नशीला बनाने के चक्कर में कुछ माफिया उसमें यूरिया, नौसादार, ऑक्सीटॉक्सियन तक मिला देते हैं। महुए, गुड़, सड़े, फलों से बना यह लहन जब तैयार हो जाता है तो गर्म कर उसकी भाप को एकत्रित कर लेते हैं। इस तरह एकत्रित किया गया लिक्विड मिथाइल एल्कोहल के रुप में बदल जाता हैं, जो जानलेवा साबित होता है।

शराब शरीर के लिए हानिकारक होती है। अवैध शराब और खतरनाक हो जाती है। कच्ची शराब और अवैध शराब को पीने से पूरी तरह बचना चाहिए। वैसे सभी तरह की शराब पूरी तरह नुकसानदायक है। नसों को कमजोर करती है। लिवर, किडनी और दिमाग के लिए हानिकारक होती है।
डॉ महेन्द्र सिंह, वरिष्ठ फिजिशियन

अवैध रुप से जो भी शराब बनाई जाती है, उसमें सबसे बड़ा खतरा मिथाइल एल्कोहल का रहता है। बिना जांच के एथाइल और मिथाइल एल्कोहल में अंतर करना मुश्किल होता हैं, इसलिए अक्सर माफिया गलत मिथाइल एल्कोहल से भी शराब बनाकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर जाते हैं।
डॉ हरदीप सिंह जोशी,

पांच हजार लीटर लहन नष्ट
उप आबकारी आयुक्त एस के राय के निर्देशन में जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन प्रमोद कुमार मौर्य, आबकारी निरीक्षक प्रथम शिशुपाल सिंह, आबकारी निरीक्षक प्रवर्तन अमित कुमार व रक्सा पुलिस की संयुक्त टीम ने कबूतरा डेरा परवई में दबिश दी। दबिश के दौरान पांच हजार किग्रा. लहन नष्ट किया गया। मौके से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया। इसके पास से 870 लीटर कच्ची शराब बरामद की है।