करंट लगने से मां-बेटा की मौत, झाँसी मण्डल से भेजे गए 56 हजार श्रमिक ; अन्य समाचार

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

27 मई

करंट लगने से मां-बेटा की मौत, आक्रोश
बेटा को पानी पिलाने के लिए खोला था लोहे का गेट, लगा करंट
झाँसी। छत पर सो रहे बेटा को साथ लेकर पानी पिलाने नीचे आ रही मां को लोहे के गेट से करंट लग गया जिससे दोनों की मौत हो गई। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त है। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। वहीं, अन्य स्थानों पर महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई।
सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम अंबावाय में जरदान अहिरवार परिवार समेत रहता है। मंगलवार की शाम जरदान की पत्नी पूजा और चार साला के बेटा अनिकेत छत पर सो रहे थे। रात के समय अनिकेत ने पानी पीने के लिए रोना शुरु कर दिया। जैसे ही पूजा अपने बेटा को लेकर छत से नीचे आई। तभी उसने कमरे के अंदर जाने के लिए लोहे का गेट खोला तो उसे करंट लगगया जिससे दोनों लोग नीचे गिर गए। थोड़ी देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी लगते ही घर के सदस्य इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया कि बिजली का तार लटक रहा था। यह तार लोहे के गेट से टच था, तभी लोहे के गेट में करंट आ रहा था। इसी करंट से मां-बेटा की मौत हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।

महिला ने खाया जहर, मौत
सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम पोहरा में कल्याण सिंह अपने परिवार के साथ खेत पर थे। उनकी पत्नी उर्मिला घर अकेली थी। शाम करीब 4 बजे घर में जहर खा लिया। शाम करीब 6 बजे सभी लोग खेत से घर लौटे तो उनको अचेत हालत में देखकर घबरा गए। पास ही जहर की गोलियां पड़ी थीं। आनन-फानन में परिजन उनको मेडिकल कॉलेज लाया गया। देररात उपचार के दौरान उर्मिला देवी की मौत हो गई। मृतका के जेठ मैथलीशरण ने बताया कि उर्मिला का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। जिस कारण जहर खाकर जान दे दी। मृतका के छह बच्चे हैं। सूचना पर गई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। वहीं, जालौन के थाना गोहन के ग्राम करसेड़ा निवासी धीर सिंह की लड़की दीपिका ने बहन से झगड़ा होने पर सल्फास की गोलियों का सेवन कर लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उपचार के लिए मेडिकल कालेज लाया गया। यहां उसकी मौत हो गई।

सड़क हादसे में दो की गई जान
कुलपहाड़ के बिहार निवासी सुनील कुमार ट्रैक्टर पर सवार होकर खेत से घर लौट रहा था। रास्ते में अचानक ट्रैक्टर पलट गया जिससे वह घायल हो गया। उपचार के लिए उसे मेडिकल कालेज लाया गया। उपचार के दौरान उसने मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। वहीं, बड़ागांव थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़मऊ निवासी बाबूलाल सड़क हादसे में घायल हो गया। उपचार के लिए उसे मेडिकल कालेज लाया गया। यहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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16 दिनों में झाँसी मंडल से भेजे गए 56 हजार श्रमिक
झाँसी। श्रमिकों को गंतव्य स्थान को भेजने के लिए झाँसी रेलवे स्टेशन से भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इस कार्य के लिए झाँसी मंडल में मंडल वाणिज्य प्रबंधक अखिल शुक्ल को नोडल अधिकारी बनाया गया। इनके नेतृत्व में गाड़ियों व खानपान की व्यवस्था की जा रही हैं।
झाँसी रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण जंक्शन बना हुआ है। क्योंकि झाँसी में स्थित रक्सा बार्डर पर विभिन्न राज्यों के मजदूरों का आना बना हुआ है। इस बार्डर पर आने वाले मजदूरों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन अनवरत जारी हैं। बताते हैं कि 11 से 27 मई तक 50 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई हैं। इनमें एक ट्रेन रद्द कर दी गई थी। झाँसी रेलवे स्टेशन से 38 और ललितपुर रेलवे स्टेशन से 11 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन अब तक किया जा चुका है। इस प्रकार अब तक 56 हजार श्रमिक झाँसी रेलवे सेक्शन से संबंधित स्थानों के लिए भेजे गए हैं। इनमें ललितपुर रेलवे स्टेशन से भेजे गए 15 740 श्रमिक भी शामिल है। यह श्रमिक झाँसी व ललितपुर से गोंडा, देवरिया, बनारस, लखनऊ, बरौनी, छपरा, दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन शामिल हैं।

श्रमिक स्पेशल गाड़ियों से भेजे गए 4400 श्रमिक
श्रमिकों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने हेतु नियमित रूप से श्रमिक स्पेशलों का झाँसी रेल मंडल से संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज झाँसी से गोरखपुर तथा दीन दयाल उपाध्याय जं.  एक – एक तथा तथा ललितपुर से गोरखपुर एक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 4400 श्रमिकों को अपने गंतव्य की ओर रवाना किया गया। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार/ उपलब्धता के आधार पर भी इन ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है ।

कई रेलवे स्टेशनों पर रुक रही हैं स्पेशल ट्रेन
गोरखपुर जाने वाली गाड़ियां गोंडा एवं बस्ती स्टेशन दीन दयाल उपाध्याय जं. जाने वाली गाड़ी प्रयागराज, भदोही तथा वाराणसी जं. पर भी रूकेगी । इन स्टेशनों पर श्रमिक उतर सकेंगे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रमिक स्पेशल गाड़ियों से मंडल के विभिन्न स्टेशनों जैसे झांसी, बांदा एवं उरई आदि पर पहुंचे। ये श्रमिक गाड़ियां सूरत, कोयंबटूर,बोरीवली,पुणे, सलेम,औरंगाबाद, चेंगलपट्टू आदि स्थानों से आ रही हैं , इनसे झाँसी मंडल में लगभग 4000 से अधिक यात्री पहुंचे।

श्रमिक यात्रियों हेतु खान –पान की उचित व्यवस्था
रेल प्रशासन द्वारा कोविड–19 कोरोना वायरस के कारण हुए लाक डाउन में वापस हो रहे प्रवासी श्रमिकों को खानपान, स्नेक्स एवं जल की उचित व्यवस्था की जा रही है, जिससे श्रमिक सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंच सके। झाँसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर के मार्ग दर्शन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधकव मंडल वाणिज्य प्रबंधक अखिल शुक्ल के नेतृत्व में आने-जाने वाली निर्धारित सभी गाड़ियों में खान – पान की सुनिश्चितता की जा रही है। मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों जैसे – झांसी,ग्वालियर,उरई,बांदा स्टेशन पर श्रमिकों के खानपान, स्नैक्स तथा पानी की उचित व्यवस्था की जा रही है। रेलवे के साथ-साथ आईआरसीटीसी भी खानपान देने हेतु अपना योगदान दे रहा है।

2,65.453 पैकेटों की गई व्यवस्था
07 से 26 मई तक आईआरसीटीसी द्वारा 2,65,453 खानों की व्यवस्था की जा चुकी है। वहीं झाँसी रेल मंडल द्वारा 26 मई तक 73198 बिस्किटस के पैकेट, 56914 नमकीन, 63972पैक्ड पेय जल एवं 6160 केलों का वितरण किया जा चुका है, जिससे श्रमिक यात्रियों को यात्रा के दौरान खानपान की समस्या को सामना न करना पड़े। यात्रियों को खान-पान देने हेतु कैटरिंग स्टाफ के साथ –साथ टिकट चेकिंग स्टाफ, स्काउटस एवं गाइडस तथा समाज सेवी संस्थाएं भी उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे है, जिससे श्रमिक यात्रियों को खाद्य सामग्री का वितरण ठीक प्रकार से सुनिश्चित किया जा सके।

अफसरों की निगरानी में हो रहा हैं ट्रेनों का संचालन
मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर के कुशल नेतृत्व में श्रमिक स्पेशलों के संचालन हेतु अधिकारियों को स्टेशन पर निगरानी हेतु लगाया गया है, जिससे स्पेशल रेलगाड़ियों को युक्तियुक्त समय में पास किया जा सके। झाँसी स्टेशन पश्चिम एवं दक्षिण दिशा से जोड़ने वाला प्रमुख जं. है। 27 मई को 54 से अधिक ट्रेनें गुजरी।
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पानी को तरस रहे हैं पश्चिम रेलवे कालोनीवासी  
समस्या निदान नहीं हुआ तो रेलवे अफसरों का करेंगे घेराव
झाँसी।  पिछले 15 दिनों से पश्चिम रेलवे कॉलोनी निवासी पानी की गंभीर समस्या झेल रहे हैं। इस संबंध में आज नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मैंस यूनियन के कालोनी केयर कमेटी के सदस्य जगत पाल सिंह यादव ने इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की।
अधिकारियों ने बताया कि गढ़िया डैम फिल्टर हाऊस पर दो पम्प लगे हैं उनमें  से एक पम्प खराब है और गढ़िया डैम का ट्रांसफार्मर भी खराब है। इसके अलावा नोट घाट (बेतवा नदी) बबेडी में भी दो पम्प हैं। वहां का भी एक पम्प खराब है और वहां बिजली वोल्टेज कम आता है जिसके लिए जनरेटर चलाना पड़ता है, लेकिन इतनी भीषण गर्मी में जनरेटर थोड़ी ही देर में गरम हो जाता है तो बंद करना पड़ता है।
बताते चलें कि रेलवे कॉलोनी में लगभग दो हजार के ऊपर क्वार्टर हैं और इन्हीं दोनों स्थानों से रेलवे कॉलोनी को पानी की सप्लाई की जाती है,उसके बाद वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता/सामान्य से बात की और उनको उक्त सभी समस्याओं से अवगत कराया कि उक्त समस्याओं के चलते पिछले 15 दिनों से रेलवे कॉलोनी में पानी की किल्लत चली आ रही है अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अति शीघ्र पम्प, टांसफार्मर , वोल्टेज और फाउंडेशन को शीघ्र ही ठीक करा दिया जायेगा। जगतपाल सिंह ने चेतावनी दी कि यदि उक्त समस्या का शीघ्र निदान नहीं होता तो कॉलोनी निवासियों द्वारा घेराव व अन्य आंदोलन किया जायेगा जिसका उत्तरदायित्व प्रशासन का होगा।
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