एनसीआरएमयू ने श्रमिक विरोधी नीतियों का किया कड़ा विरोध ;पीआरएस काउन्टर चालू ह, लगी भीड़

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

22 मई

तानाशाही के चलते रेलकर्मचारियों का किया जा रहा हैं उत्पीड़न
सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों का कड़ा विरोध
एनसीआरएमयू ने की भूख हड़ताल और एनसीआरईएस ने फीता बांधकर जताया विरोध
झाँसी। हिन्द मजदूर सभा एवं एआईआरएफ के आवाह्न पर नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मैंस यूनियन ने सरकार की श्रमिक विरोधी एवं दमनकारी नीतियों के विरोध में मंडल सचिव आर एन यादव के नेतृत्व में एक दिवसीय भूख हड़ताल की।


 इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए आर एन यादव ने कहा कि जिस तरह से सरकार ने श्रम कानूनों को खत्म कर मजदूरों के हितों पर कुठाराघात किया है। मजदूरी समय बढ़ाकर 12 घंटे का कर दिया, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा समाप्त कर दी गई है अब कभी भी किसी को भी बिना किसी गलती के नौकरी से निकाला जा सकता है। इस प्रकार श्रमिक हितों के 44 कानूनों में 41 कानून समाप्त कर श्रमिकों को बंधुआ मजदूरी वाले युग में पहुंचा दिया। सरकार को इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जब अधिकांश देशवासी अपने अपने घरों में सुरक्षित बैठे थे तब भी हम रेल कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर मालगाड़ियों के द्वारा जरूरी वस्तुओं को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। बदले में मिला क्या? डेढ़ वर्ष तक के लिये मंहगाई भत्ते पर रोक,हमने 12 महीने तक अपने एक दिन का वेतन महामारी से निपटने के लिये सहयोग के रूप में सहर्ष देना स्वीकार किया। इसके अतिरिक्त अपनी अपनी क्षमताओं के अनुसार भी लोगों ने सहयोग किया। इसके बावजूद भी तानाशाही तरीके से डेढ़ वर्ष का मंहगाई भत्ता रोक कर रेल कर्मचारियों का उत्पीड़न ही किया है।
हड़ताल में मंडल अध्यक्ष एच एस चौहान, मनोज जाट, अशोक त्रिपाठी, नीरज उपाध्याय, राम नरेश यादव, पी के स्याल, आईलिन लाल इत्यादि मंडलीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शाखा नंबर 1 में भावेश सिंह, शाखा नं 2 में सुनील पाल, शाखा 3 में एम पी द्विवेदी, शाखा 4 में मनोज बघेल, लोको रनिंग में अमर सिंह, डीजल एवं एसी लोको शाखा में डी के खरे, ईएमएस 1 में अजय शर्मा, ईएमएस 2 में जगत पाल सिंह के नेतृत्व में एनसीआरएमयू के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर रहे।
 वहीं, एनसीआरईएस महामंत्री आर पी सिंह साहब के आवाहन पर आज मुख्य शाखा  झाँसी द्वारा केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के कारण केन्द्रीय कर्मचारियों /पेंशनधारी को महंगाई भत्ता/महंगाई राहत 2021 तक स्थिर करने का आदेश जारी किया था, और अब स्थापना नियमों में परिवर्तन और श्रम कानून को निलंबित कर कुछ राज्य सरकारें मजदूरों के काम के घंटे में भी बढोत्तरी करने के लिए कदम उठाये है। सरकार के सभी मजदूर विरोधी फैसलों के विरोध  काला फीता लगाकर एवं सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाकर सहायक मंडल अभियंता मुख्यालय के यहां विरोध प्रदर्शन मुख्य शाखा  झांसी के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया।

पीआरएस काउन्टर चालू, लगी भीड़
झाँसी। शुक्रवार से पीआरएस काउन्टर खोले दिए गए हैं। झाँसी एवं ग्वालियर में दो – दो आरक्षण केंद्र खोले गए हैं। तथा बाँदा, मुरैना, ललितपुर, डबरा, दतिया, महोबा, चित्रकूट धाम कर्वी, उरई में एक- एक काउन्टर भी खोला गया है। 23 मई से अपने नियत समयानुसार पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम खुलेंगे।
भारतीय रेल ने चरणबद्ध  रूप से  आरक्षण काउंटरों को फिर से खोलने को हरी झंडी दिखाई। संपूर्ण उत्तर मध्य रेलवे में शुक्रवार से यात्री आरक्षण काउंटर काम करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे इसे बढ़ा कर लॉकडाउन के पूर्व के सामान्य स्तर तक ले ज़ाया जाएगा सामान्य सेवा केंद्रों(कॉमन सर्विस सेंटर) और अधिकृत टिकट एजेंटों सहित लॉकडाउन से पहले के आरक्षण के सभी तरीके कार्य भारतीय रेलवे आरक्षित टिकटों की बुकिंग के लिए चरणबद्ध तरीके से आरक्षण काउंटर खोले गए हैँ। क्षेत्रीय रेलों को स्थानीय जरूरतों और स्थितियों  के अनुरूप आरक्षण काउंटर खोलने और नोटिफाई करने के निर्देश दिए गए है।
इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे ने ज़ोन में पीआरएस काउंटर खोलने का निर्णय लिया है और इसे चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन के पहले वाले सामान्य स्तर तक बढ़ाया जाएगा। 22 मई को यह काउंटर दस बजे खोले गएहैं। 23 मई से सामान्य समय के अनुसार खोले जाएंगे।
यह भी सूचित किया जाता है कि सामान्य सेवा केंद्र (कॉमन सर्विस सेंटर), अधिकृत टिकट बुकिंग एजेंट और आरक्षण के अन्य सभी वैध स्रोत भी 22 मई से कार्य करना प्रारम्भ कर दिया है। इस कदम से उन सभी व्यक्तियों को लाभ होने वाला है जो लंबे समय से ट्रेनों में यात्रा करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन लॉक डाउन होने के कारण यात्रा करने में असमर्थ थे। ज्ञात हो  कि भारतीय रेल ने 200 नई समयसारिणीबद्ध ट्रेनों की घोषणा की है जो 1 जून 2020 से चलाई जाएंगी। बुकिंग केंद्रों के खुलने से यात्री रेल सेवाओं की चरणबद्ध बहाली और भारत के सभी हिस्सों के प्रवासियों सहित सभी संभावित यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग का काम सहज हो जाएगा। कोविड-19 रोग के प्रसार के दृष्टिगत उत्तर मध्य रेलवे के सभी आरक्षण केंद्र मानक सामाजिक दूरी के -दिशा निर्देशों और स्वच्छता प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करेंगे।


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