श्रमिक स्पेशलों से रवाना हुए सात हजार श्रमिक ; कोरोना काल में खाद्य उद्योग प्रभावित

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

21 मई

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श्रमिक स्पेशलों से रवाना हुए सात हजार श्रमिक
झाँसी। श्रमिकों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने हेतु नियमित रूप से श्रमिक स्पेशलों का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज झाँसी से गोरखपुर, देवरिया एक – एक तथा वाराणसी हेतु दो रेलगाड़ियां तथा ललितपुर से गोरखपुर से एक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है जिसमें लगभग लगभग 7000 श्रमिकों को अपने गंतव्य की ओर रवाना किया जा रहा है। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार/ उपलब्धता के आधार पर भी इन ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है ।
गोरखपुर एवं देवरिया जाने वाली श्रमिक स्पेशल मार्ग में गोंडा और बस्ती स्टेशनों पर तथा वाराणसी जाने वाली स्पेशल रेलगाड़ी कानपुर, फतेहपुर तथा प्रयागराज स्टेशन पर भी ठहरेगी और इन जगहों पर पूर्व निर्धारित यात्रियों को उतरने की अनुमति होगी। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रमिक स्पेशल गाड़ियों से मंडल के विभिन्न स्टेशनों जैसे झांसी, ग्वालियर, बांदा, छतरपुर, टीकमगढ़,उरई आदि पर पहुंच रहे हैं। ये श्रमिक गाड़ियां कोसीकलां, घाटकेसर, फिरोजपुर, रोहतक, अहमदावाद, सूरत, पनवेल, बेंगलरू आदि शहरों से आ रही हैं , इनसे झांसी मंडल में हजारों की संख्या में यात्री पहुंच रहे है। इसके अलावा ए.सी. स्पेशल रेलगाड़ियों से भी बड़ी संख्या में यात्री झांसी स्टेशन पहुंच रहे है। सभी यात्रियों के लिए मास्क की अनिवार्यता है। उनकी थर्मल स्कैनिंग के साथ उनके हाथ भी सैनिटाइज कराये जा रहे है।


कोरोना महामारी के दौरान खाद्य उद्योगों पर असर
झाँसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के खाद्य तकनीकी अभियांत्रिकी विभाग में कोरोना महामारी के कारण खाद्य उद्योगों पर हुए असर को कम करने के लिये नव तरीकों पर आधारित वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य वक्ता एचबीटीआई कानपुर डॉ. विवेक कुमार एवं नोर्मेस डेकोडीस प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली के प्रबंध निदेशक आशीष गौर थे।
तकनीकी सत्र की शुरुआत करते हुए कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एचबीटीआई कानपुर डॉ. विवेक कुमार ने खाद्य तकनीकी के छात्रों का आव्हान किया कि वे इस महामारी को नए अवसरों से बदल सकता है। उन्होंने अपने व्याख्यान में बताया कि शोधार्थी बायोएक्टिव खाद्य पदार्थों जैसे विटामिन सी, डी, पोलिफेनोल जैसे प्रोबायोटिक से परिपूर्ण खाद्य पदार्थों का निर्माण कर सकते है क्योंकि ये हमारे शरीर में कोविड वाइरस के विरुद्ध लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करते है. उन्होंने यह भी बताया कि फ़िलहाल भारत, चीन, मिश्र, अमेरिका, यूरोपीय देशों ऐसे शोध प्रगति में भी है। वहीं, नोर्मेस डेकोडीस प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली के प्रबंध निदेशक आशीष गौर ने खाद्य उद्योगों द्वारा अपनायी जा रही सुरक्षा तकनीकियों के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला तथा बताया कि कर्मचारियों की सुरक्षा से लेके खाद्य पदार्थ के उत्पादन तथा पैकेजिंग तक बहुत प्रकार के सैनिटरी सावधानियां रही जा रही है। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए इस वेबिनार की संयोजक इंजी अंज़ली श्रीवास्तव ने वक्ताओं तथा प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वेबिनर के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए बताया कि आज के इस वेबिनार का मुख्य मुद्दा हमारी सबसे बड़ी ज़रूरत जोकि खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और संरक्षता पर आधारित है। सोशल डिस्टेसिंग को ज़हन में रखते हुए ऐसे आयोजनों से सीखने और सिखाने की जो परंपरा है वो बरकरार रहेगी। इस अवसर पर समन्वयक इंजी.ब्रजेंद्र शुक्ला, संस्थान के निदेशक प्रो. एस, के, कटियार, फ़ूड टेक्नॉलाजी विभाग की समन्वयक डॉ. शुभांगी निगम आदि लोग उपस्थित रहे हैं।
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