लॉक डाउन को सफल बनाने हेतु जिलाधिकारी ने दिये निर्देश ,अन्य समाचार

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

24 मार्च

झाँसी में 25 से 27 मार्च तक रहेगा लॉकडाउन
दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी दंडित किए जाएंगे: डीएम
झाँसी। ज़िलाधिकारी के आदेशानुसार कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु 25 से 27 मार्च तक जनपद झाँसी में पूर्णतया लॉकडाउन रहेगा। सभी सीओ, एसओ चौकी इंचार्ज एवं आरक्षी तक इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे ।

यह हैं आदेश
प्रत्येक थाना अपनी अंतर्राज्यीय बॉर्डर पर नाका चेक पोस्ट तत्काल स्थापित कर शिफ़्ट में ड्यूटी लगा दें । इन चेकपोस्ट पर जिलाधिकारी द्वारा एक मजिस्ट्रेट एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की भी ड्यूटी लगायी जा रही है । स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जनपद की सीमा में अपरिहार्य परिस्थिति में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्कैनिंग की जायेगी।
– जनपद के अंदर किसी भी सार्वजनिक अथवा निजी वाहन का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। – आकस्मिकता ( बीमारी या निधन )  की स्थिति में अपने निजी वाहन से जनपद की सीमा में आने वाले व्यक्ति की स्कैनिंग करवाकर अपने गंतव्य स्थल तक जाने देंगे।
– सीमा पर चेकिंग के दौरान किसी व्यक्ति से दुर्व्यवहार नहीं किया जायेगा। उल्लंघन करने की दशा में मजिस्ट्रेट को सूचित करते हुए अभियोग पंजीकृत किया जायेगा।
– यदि मेडिकल टीम द्वारा कोई व्यक्ति कोरोना का संदिग्ध रोगी प्रतीत होता है तो तत्काल उसे सीएमओ हेल्पलाइन 0512- 2440521 पर सूचित करेंगे।
– जनपद की सीमा में किसी भी आवश्यक सेवा वाले वस्तु के वाहन ( पानी की आपूर्ति वाले वाहन, हैंडसैनिटाइजर के निर्माण में प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल, फिनिश्ड उत्पादों दवाओं के निर्माण हेतु कच्चा माल, आपूर्ति की जाने वाली दवा को ले जाने वाले वाहन /ई-कॉमर्स, खानपान की होम डिलीवरी, दूध, इत्यादि  से संबंधित उत्पादों के परिवहन में संलग्न वाहनों को न रोका जाए) को रोका नहीं जायेगा।
– किसी भी भ्रम होने की दशा में एसपी सिटी / एसपी आरए / सीओ सिटी से सम्पर्क करें।
– नवरात्रि की समस्त शोभा यात्राओं / मेलों के स्थगित होने की दशा में भी उन स्थानो पर ड्यूटी यथावत भेजी जायेगी।  
– मंदिर की ड्यूटी यथावत लगायी जायेगी ।
– जनपद में प्रतिबंधित किए गये वाणिज्यिक प्रतिष्ठानो की सूची ज़िलाधिकारी के आदेश में स्पष्ट रूप से वर्णित है । कृपया इस का अवलोकन कर तदनुसार कार्यवाही करवायें । किसी भी व्यक्ति से घर रहने के लिये या व्यापारी से आग्रहपूर्वक बात करें। किसी से भी नियमों का अनुपालन करने में दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी दंडित किए जायेंगे ।
– समस्त सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, अर्धसरकारी उपक्रम, स्वायत्तशाषी संस्थाएँ, राजकीय निगम/ मंडल एवं समस्त व्यापारी प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, माल्स, दुकाने, फैक्ट्रियां , वर्कशाप, गोदाम एवं सार्वजनिक परिवहन ( रोडवेज़, सिटी परिवहन, परिवहन बसें, टैक्सी, ऑटो रिक्शा) आदि पूर्णतः बंद रहेंगे ।
– किसी भी दुकान में दो से अधिक व्यक्ति इकट्ठा नहीं होंगे
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कोरोना वायरस के चलते साक्षात्कार स्थागित
झाँसी। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा की गई घोषणाओं के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र बबीना एवं विधानसभा क्षेत्र झाँसी नगर में योग प्रशिक्षक एवं योग सहायक का 25 मार्च 2020 को साक्षात्कार होना था, जो आगामी तिथि तक स्थागित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस को देखते हुए प्रदेश को लॉक डाउन किया गया है इस कारण साक्षात्कार अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया। शीघ्र साक्षात्कार हेतु नई तिथि घोषित की जाएगी।
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*कोरोना के लिए कुछ तो करो ना*
—कहाँ गायब हो गए एनजीओ के  वालेंटियर
—न कहीं मास्क बांटे, ना ही सेनेटाइजर
झाँसी। वीरांगना की नगरी में भी दुनिया के सबसे के भयावह वायरस कोरोना की दहशत साफ-साफ देखी जा सकती है। एक ओर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अधिकांश लोगों ने घरों से बाहर नहीं निकलने का प्रण लिया है। वहीं दूसरी ओर इसकी मार से अनेक ऐसे लोगों की हालत पतली हो गई है जो गरीबी में गुजारा करते हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि कहां गए शहर के वे एनजीओ जो लोगों की सेवा का दम्भ भरते थे। मुसीबत के इस सबसे बड़े पल में ऐसे एनजीओ के कार्यकर्ता कहीं समाजसेवा करते नजर नहीं आ रहे हैं।
कोरोना वायरस की चपेट में दुनिया के अधिकांश देश आ चुके हैं। दुनिया की महाशक्ति अमेरिका, चीन, इटली, स्पेन, ब्रिटेन जैसे देशों में कोरोना वायरस ने जो तांडव मचाया है उसकी तस्वीरें ही दुनिया के अन्य देशों में खौफ फैलाने के लिए पर्याप्त हैं। ऐसे में देश को एकजुट होकर इस भयंकर महामारी से लड़ना होगा। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर से कोरोना वायरस से मुकाबला करने में जुट गई हैं लेकिन आज उन कार्यकर्ताओं की भी अहमियत बढ़ गई है जो समाज की सेवा में चौबीस घंटे तत्पर रहने का दावा करते हैं। हमारे जिले में ही न जाने कितने एनजीओ पंजीकृत हैं। वे विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने का प्रचार भी करते हैं लेकिन आज वक्त की जरूरत है कि ऐसे लोग एकजुट होकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में अपनी भूमिका अदा करें। अभी तक इन एनजीओ की सक्रियता नजर नहीं आई है। न तो इनके द्वारा कहीं पर निःशुल्क मास्क वितरित किए जा रहे हैं और न ही हैंड सेनेटाइजर बांटा जा रहा है। ये एनजीओ लोगों को घरों में ही रहने की अपील भी करते नजर नहीं आ रहे हैं। बेहतर तो ये तो कि हमारे डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल स्टॉफ के कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, सुरक्षा कर्मियों, सफाईकर्मियों, मीडियाकर्मियों की तरह ही एनजीओ के कार्यकर्ता भी विपदा की इस घड़ी में लोगों की परेशानियों को खत्म करने के लिए सड़कों पर उतर आते। एक वालेंटियर अगर लोगों को सामान उपलब्ध कराता जाए तो सैकड़ों लोगों का घरों से निकलना स्वतः ही बंद हो जाएगा और इससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कई गुना कम हो जाएगा। पर ऐसी कोई मुहिम अभी तक तो शुरू नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि केवल कुछ गरीबों को सर्दी में कंबल बांट कर, कुछ लोगों को भोजन के पैकेट वितरण कर फोटो खिंचवा लेना ही समाज सेवा नहीं है। जब समूचे शहर में भयंकर महामारी दस्तक दे रही है तो ऐसे समय में भी तो कुछ करना चाहिए।

*समाज के दुश्मन हैं मुनाफाखोर*
संकट की इस घड़ी में भी समाज के कुछ ऐसे दुश्मन हैं जो मुनाफाखोरी में जुटे हैं। आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ा कर अपनी जेब भरने में लगे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जो लोग आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ा कर बेच रहे हैं अथवा नकली माल बेच रहे हैं उन्हें कठोर सजा दी जानी चाहिए। सरकार, जिला प्रशासन पूरे इंतजाम कर रहा है कि लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न हो। सभी लोग अपने घरों में रहकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़े पर कुछ लोगों ने इसे पैसा कमाने का मौका समझ लिया। प्रशासन की अपील के बाद भी कई अनावश्यक वस्तुओं की दुकानें चोरी से खुल रही हैं, बिल्कुल गलत है। हमें सच्चे मन से कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़नी होगी तभी कामयाबी मिल सकेगी।
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रेलवे के विभिन्न विभागों की एकजुटता से कोरोना से जंग
—एक समय आरपीएफ और रेलवे के मेडिकल विभाग के औचित्य पर उठाए गए थे सवाल
झाँसी। पूरी दुनिया में कोरोना का कहर जिस तेजी से बढ़ रहा है उससे एक बात तो साबित हो गई है संकट की इस घड़ी में धरती के भगवान का नाम फिर सार्थक हो रहा है। मेडिकल क्षेत्रों से जुड़े हुए कर्मचारियों की उपयोगिता भी लोगों की समझ में आ रही है। वहीं विपरीत परिस्थितियों में मेडिकल और सुरक्षा से जुड़े विभागों से जुड़े कर्मचारी अपनी जान को जोखिम में डाल कर जिस तत्परता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं वह काबिलेतारीफ है। आज सरकार ही नहीं बल्कि प्रत्येक देशवासी इनकी प्रशंसा कर रहे हैं। पर यही सरकारें एक समय रेलवे के आरपीएफ और मेडिकल विभाग की प्रासंगिकता पर सवाल उठा रहीं थीं।
रेलवे के बिना देश के सामान्य जनजीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। देश की प्रगति में रेलवे का महत्वपूर्ण स्थान है। रेलवे की सम्पत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) की होती है। लगभग एक दशक पूर्व देवराय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी को आरपीएफ व रेलवे के मेडिकल विभाग के औचित्य पर निर्णय लेना था। बताया जाता है कि देवराय कमेटी ने आरपीएफ का केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में संविलियन (मर्ज) करने की सिफारिश की थी। इसी प्रकार रेलवे के मेडिकल पर भी सवालिया निशान लगाया था। इससे इन विभागों से जुड़े हुए कर्मचारी व अधिकारियों में रोष था। हांलाकि कमेटी की सिफारिशों को अमलीजामा नहीं पहुंचाया जा सका था पर असज उनकी उपयोगिता समझ में आ रही है। देश में इस समय कोरोना का कहर है। पूरा देश सकते हैं। कई शहरों में कर्फ्यू लग गया है। कई राज्यों में लॉकडाउन है। रेलवे ने अभूतपूर्व निर्णय लेते हुए यात्री गाड़ियों के पहिए 31 मार्च तक रोक दिए हैं। रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों को कोरोना वायरस के दुष्परिणाम समझाने, उनकी थर्मल जांच करने, उन्हें सेनेटाइज करने जैसे कार्यों में रेलवे के सभी विभागों में गजब का समन्वय दिखा। आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे का रनिंग स्टॉफ, विभिन्न विभागों के रेलवे के कर्मचारी, मेडिकल विभाग के स्टॉफ सहित सभी विभागों के कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है।