लॉकडाउन में खाद्य पदार्थों की नहीं होगी किल्लत : मण्डलायुक्त

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

24 मार्च

लॉकडाउन में खाद्य पदार्थों की नहीं होगी किल्लत : मण्डलायुक्त
झाँसी। संपूर्ण मंडल में खाद्य सामग्री, जीवन रक्षक दवाओं के साथ पेयजल आपूर्ति की किल्लत ना हो। खाद्य पदार्थो, सेनेटाइजर सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए। अस्पतालों के साथ सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो। लोगों के बीच प्रॉपर डिस्टेंसी का अनुपालन किया जाए।  लॉक डाउन के दौरान खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, इसकी तैयारी तत्काल कर ले।
यह निर्देश मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने आयुक्त सभागार में कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की सुनिश्चितता बनाए रखने के लिए मंडलीय अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि अवसरवादियों को चिन्हित करते हुए सख्त कार्रवाई अवश्य की जाए। मंडलायुक्त ने चिकित्सा विभाग, नगर निगम, ड्रग्स, आपूर्ति विभाग  फूड एवं सेफ्टी, मंडी, दुग्ध संघ तथा आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट कहा कि आप सभी कोरोना से निपटने के साथ ही प्रदेश सहित मंडल लॉक डाउन की स्थिति में आम जनमानस को खाद्य पदार्थों, जीवन रक्षक दवाओं के साथ अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जानी है, आप तत्काल प्लान बना ले ताकि जनमानस को समस्या ना हो। उन्होंने एक-एक विभाग से तैयारियों की जानकारी ली।

जनरल सफाई सुपर होगीन चाहिए
चिकित्सा विभाग की तैयारियों के संबंध में मंडलायुक्त ने कहा कि अस्पताल में सैनेटाइजर उपलब्ध हो, साथ ही लगातार पोंछा लगाते हुए सफाई हो। ऐसे निजी अस्पताल जहां वेंटिलेटर है उन्हें आइसोलेशन वार्ड बनाया जाए। अस्पताल में प्रॉपर डिस्टेंसी लागू हो। डॉ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग 1800 बेड सुरक्षित रखे गए, 30 प्राइवेट हॉस्पिटल जिन्हें आइसोलेशन वार्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां वेंटिलेटर है उन्हें आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। मंडलायुक्त ने कहा कि जनरल सफाई व्यवस्था सुपर होनी चाहिए, लगातार कचरा उठाए जाने की भी व्यवस्था हो।

छुट्टा जानवरों के ले जाएं आश्रय स्थल
छुट्टा जानवर फिर से नजर आ रहे हैं, उन्हें आश्रय स्थल में ले जाएं। साथ ही फागिंग मशीन लगातार संचालित हो। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी क्षेत्र में लोगों को जागरूक करें कि यदि कोई बाहर से आया है तो उसकी जानकारी प्रशासन को अवश्य दें। ड्रग्स एंड फूड सेफ्टी की तैयारियों पर मंडलायुक्त ने कहा कि लॉक डाउन की स्थिति में दवाओं की दुकानें खुली रहेगी, सैनेटाइजर सहित जीवन रक्षक दवाओं की ओवर रेटिंग ना हो। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ, फल, सब्जियों का परिवहन नहीं रुकेगा, यह अवश्य सुनिश्चित किया जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि अवसरवादियों पर अवश्य कार्रवाई हो, रेस्तरां व खानपान की चेकिंग की जाए।

बाजार पर नजर रखेगा आपूर्ति विभाग
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि आटा, दाल, चावल, तेल आदि खत्म नहीं होना चाहिए। बाजार पर आपूर्ति विभाग नजर बनाए रखें। लॉक डाउन के दौरान सप्लाई सुचारू रखें, इसकी तैयारी कर ले। शासकीय राशन की दुकानों पर समय से खाद्यान्न पहुंच जाए। क्षेत्र में दूध की आपूर्ति बनी रहे, इसकी विशेष व्यवस्था कर लें। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों के परिवहन में समस्या आती है तो जानकारी दें उसे दूर किया जाएगा। मंडलायुक्त ने कहा कि हम सभी एकजुट रहकर आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए इस लाइलाज बीमारी में स्वयं व परिवार को बचा सकते हैं। कोरोना वायरस के बचाव हेतु जागरूकता व सफाई महत्वपूर्ण है इसका सभी को अनुसरण करना होगा।
इस मौके पर नगर आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अपर आयुक्त प्रशासन सर्वेश कुमार दीक्षित, उपनिदेशक मंडी सीपी तिवारी, अपर आयुक्त शादाब असलम, डी एस ओ तीर्थ राज यादव, एएमए सचिव डॉक्टर प्रिंस जैन, डॉक्टर वी के गुप्ता, नर्सिंग होम्स निलय जैन सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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भय और भ्रांतियों के बीच फैल रहा कोरोना और उसका डर
-सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी मैसेज
-आइये जाने विश्व स्वास्थ्य संगठन क्या कहता है
झाँसी। जिस तेजी के साथ कोरोना अपने पांव पसार रहा है। उसी गति से भय और भ्रांतियां भी सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहीं हैं। इसमें से कुछ सच हैं तो कुछ कोरे अफवाह, जो इस महामारी के बीच फैले हुए डर, अनिश्चितता और उहापोह की स्थिति को और बढ़ा रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है कि ‘मौसम का तापमान बढ़ने के साथ ही कोराना का प्रकोप कम हो जाएगा।’ इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक प्रो. बलराम भार्गव के  हवाले से स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. बीके वर्मा कहते हैं कि तापमान बढ़ने का कोई असर कोरोना वायरस पर होता है अथवा नहीं इस बात का अभी कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
संयुक्त निदेशक डॉ. बीके वर्मा कहते हैं कि कोरोनावायरस दुनिया भर में 168 देशों में फैल चुका है जिनमें ग्रीनलैंड जैसे ठंडे देश भी है तो दुबई जैसे गर्म शहर भी, मुंबई जैसे ह्यूमिड शहर भी हैं तो दिल्ली जैसे सूखे शहर भी हैं। इसके अलावा वायरल मैसेज में यह भी दावा किया गया है कि गर्मी की मदद से कोरोना वायरस को खत्म किया जा सकता है। इसी दावे में पीने और नहाने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। चर्चाओं के बीच यह भी कहा जा रहा है कि यह सलाह यूनिसेफ ने दी है। यूनिसेफ के लिए काम कर रहीं  चार्लेट गोर्निज्क ने एक निजी समाचार एजेंसी को दिए अपने साक्षात्कार में इस दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि आइस्क्रीम, कोल्ड ड्रिंक और अन्य ठंडी चीजों से दूर रहकर इस वायरस से बचा जा  सकता है, इस तरह का भी कोई मैसेज यूनिसेफ द्वारा नहीं जारी किया गया है, यह मैसेज पूरी तरह से झूठा है।

कैसे फैलता है कोरोना
जब कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक 3,000 से अधिक कण यानी ड्रॉपलेट्स शरीर से बाहर आकर हवा में फैल जाते हैं। इन्हीं नन्हें कणों के जरिए कोरोना  वायरस फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के नजदीक जाने पर ये कण सांस के रास्ते दूसरके व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा कभी कभी ये कण कपड़ों, दरवाजों के हैंडल और आपके सामान पर गिरते हैं। उसजगह पर किसी का हाथ पड़े और फिर वो व्यक्ति उसी संक्रमित हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह छूता है तो उसे कोरोना वायरस संक्रमण हो सकता है।

यह भी जानें
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शरीर पर एल्कोहल अथवा क्लोरीन के स्प्रे से कोरोना वायरस मरता नहीं  है। इसका प्रयोग बचाव के तौर पर किया जा सकता है। इसके अलावा हाथ को सूखाने वाली मशीन (हैंड  ड्रायर) और हीटर के प्रयोग से कोरोना वायरस नहीं मरता है। लहसुन का सेवन सेहत के लिए अच्छा है,  लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है। सैलाइन से नाक साफ करने से जुकाम में जल्द आराम  मिलता है, लेकिन इससे कोरोना से बचाव नहीं हो सकता है।

पालतू जानवर से रहें सावधान
पालतू जानवरों में कोरोना फैलने की अभी तक कोई घटना सामने नहीं आई है। लेकिन सावधानी के तौर पर आाप पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथों को अच्छी तरह से जरूर धोएं।
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