अमर शहीद पुलिस जवानों को भावभीनी श्रृद्धांजलि

द न्यूज यूनिवर्स

झाँसी

21 अक्टूबर

अमर शहीद पुलिस जवानों को भावभीनी श्रृद्धांजलि, देते सभी की नम हुई ऑखे


झाँसी।  पुलिस लाइन में स्मृति दिवस मनाया गया। उत्तर प्रदेश में कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों की आहूति देने वाले अमर पुलिस जवानों को सम्मान श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए सोमवार को प्रात: 8 बजे उन सभी शहीद पुलिस जनों के नाम पढ़े गए जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपने अपने प्राणों की आहूति दी है और हमेशा के लिए अमर हो गए। पुलिस उपमहानिरीक्षक सुभाष चंद्र बघेल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ ओ पी सिंह,  33 वीं वाहिनी पीएसी सेना नायक, एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, एसपी ग्रामीण राहुल मिठास, सीओ सिटी राहुल अभिषेक आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित कर मौनधारण कर नमन किया।

292 पुलिस जवानों ने जान की आहुति दी
बताया गया है कि एक सितंबर, 2018 से 31 अगस्त, 2019 तक की अवधि में पूरे देश में कुल 292 पुलिस जवानों ने जान की आहुति दी है। इसमें उत्तर प्रदेश के भी पांच पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसमें सबसे पहला नाम बुलंदशहर में तैनात इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का है। तीन दिसंबर, 2018 को बुलंदशहर के थाना स्याना क्षेत्र के महाव जंगल में गोकशी की सूचना पर सुबोध कुमार सिंह शांति व्यवस्था के लिए पहुंचे थे। उपद्रव कर रही भीड़ ने सुबोध कुमार सिंह की जान ले ली। 29 दिसंबर 2018 को गाजीपुर के अटवामोड़ बाजार के आगे उपद्रवियों के पथराव में मुख्य आरक्षी सुरेश प्रताप सिंह ने शांति-व्यवस्था के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। 

इसलिए मनाया जाता है पुलिस शहीद दिवस
मालूम हो कि 21 अक्तूबर 1959 को सीआरपीएफ के पुलिस अधिकारी करम सिंह के नेतृत्व में 20 जवानों की पुलिस टोली पर हॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख में 16,000 फीट की ऊंचाई पर विषम परिस्थितियों में गश्त के दौरान चीन की सेना द्वारा घात लगाकर हमला किया गया। इस आक्रमण में पुलिस के 10 जवान वीर गति को प्राप्त हुए। इन वीरों के बलिदान को स्मरण करने व उनसे प्रेरणा ग्रहण करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 21अक्टूबर को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शहीद हुए पुलिस के शुरवीरों की स्मृति में सम्पूर्ण देश में पुलिस शहीद दिवस मनाया जाता है।