एमबीबीएस में दाखिला के नाम पर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा

द न्यूज़ यूनिवर्स

झाँसी

21 अक्टूबर


एमबीबीएस में दाखिला के नाम पर ठगी करने वाला गैंग पकड़ा
पांच सदस्य गिरफ्तार, 40 हजार कैश व अन्य सामग्री बरामद
एमबीबीएस में दाखिला करवाने के नाम पर गैंग कर चुका है एक करोड़ 60 लाख की ठगी
झाँसी। झाँसी पुलिस ने एक ऐसे अर्न्तराज्य गिरोह का पर्दाफाश किया जो मेडिकल छात्रों को सरकारी कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला दिलवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी कर चुका है। इस मामले में गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से कैश, मोबाइल फोन आदि सामग्री बरामद की गई है। यह गैंग काफी दिनों से एमबीबीएस में दाखिला दिलवाने के नाम पर ठग कर रहा था।
पत्रकारों का जानकारी देते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक सुभाष चंद्र बघेल ने बताया है कि मथुरा निवासी वीरी सिंह ने 14 अक्तूबर को नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके पुत्र वीर विष्णु कुमार सिंह का एमबीबीएस में दाखिला दिलवाने के नाम पर ठगी की है। इस आधार पर पुलिस ने मानस आदि के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके पहले 8 सितंबर 2018 को बी ईश्वरा रेड्डी निवासी कर्नाटका ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पुत्री बी निर्मया रेड्डी का एमबीबीएस में दाखिला करवाने के नाम पर ठगी है। इस मामले में कल्यान कुमार शर्मा आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों घटनाओं को गंभीरता से लिया गया। इसके लिए एक टीम का गठन किया गया। टीम संदिग्ध लोगों की तलाश में लगी हुई थी, तभी मेडिकल कालेज बाईपास तिराहा के पास से पांच लोगों को पकड़ लिया।
डीआईजी के मुताबिक मऊरानीपुर के नईबस्ती निवासी करन सिंह, ललितपुर निवासी दीपक सिंह, छतरपुर निवासी मानस त्रिवेदी, महोबा निवासी हृदेश कुमार और ललितपुर निवासी भूपेन्द्र प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 40 हजार कैश, 15 मोबाइल फोन, यश बैंक की चेक बुक, माइण्ड मूवर आफिस नोयजा के विजिटिंग कार्ड, दो आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि सामग्री बरामद की गई है। डीआईजी का कहना है कि शेष अभियुक्तों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। इसके अलावा मेडिकल कालेज के डॉक्टर या अन्य लोग इस कारोबार में लिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में मेडिकल कालेज के प्रशासनिक अफसरों से वार्तालाप हो चुकी है। इस अवसर पर एसएसपी डॉ ओ पी सिंह, एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, एसपी देहात राहुल मिठास व सीओ सिटी राहुल अभिषेक उपस्थित रहे हैं।

कैसे ठगी करता था ये गिरोह
दरअसल यह ठग गिरोह मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं का मोबाइल नंबर लेकर उसके फोन पर देश के किसी भी राजकीय कॉलेज में विशेष कोटे में एमबीबीएस में दाखिला दिलवाने का भरोसा दिलवाता था और उनसे लाखों की ठगी किया करता था। गैंग के सदस्यों ने बताया कि हम लोग कई सालों से योजनाबद्ध तरीके से नोएटा सेक्टर -62 आईथम टावर आफिस नंबर 833 में माइन्ड मूवर के नाम से कार्यालय खोलकर रखा था। टेलीकॉलरों से कॉल कराकर नोयडा आफिस में छात्र/ छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को बुलाकर मेडिकल में 20 लाख रुपये की मांग करते थे। जिन लोगों से सौदा तय हो जाता था।

 चर्मरोग विभाग के ओपीडी में करते थे भर्ती
गैंग के सदस्यों ने बताया है कि सौदा तय होने के बाद एक तिथि देकर मेडिकल कालेज झाँसी बुलाकर ओपीडी बंद होने के बाद चर्मरोग विभाग की ओपीडी का उपयोग करते थे। वहीं पर एडमीशन की फर्जी प्रक्रिया कराकर 16 व्यक्तियों से एक करोड़ साठ लाख रुपये की ठगी की है। ठगी का कुछ रुपया नगद व कुछ रुपया अपने खातों में जाम करा लिया है। जिन मोबाइल नंबरों से छात्र-छात्राओं को कॉल की जाती थी। वह नंबर दूसरे थे और हमलोग आपस में बात करने के लिए वन-टू-वन नंबरों का प्रयोग करते थे जिससे हमारी पहचान छुपी रहे। पर्सनल मोबाइल नंबर व सही नाम किसी को नहीं बताते थे।

कई राज्यों में फैला रखा था जाल
उत्तर प्रदेश के अलावा, मध्य प्रदेश, दक्षिण क्षेत्र में काफी बड़ा जाल फैला रखा था। नोएडा वाले कार्यालय में लड़कियां भी काम करती थी। यह लोग अपनी भाषा भी बदल देते थे। कभी कभार कार्यालय भी चेंज करते थे। कभी मेरठ तो कभी राजस्थान पहुंच जाते थे। यह गैंग पांच साल से उक्त कारोबार में लिप्त है।

डॉ सचिन माहौर को गुजरात पुलिस ने पकड़ा था
एमबीबीएस में दाखिला दिलवाने के नाम पर गुजरात पुलिस ने वर्ष 2014-2015 में मेडिकल कालेज में अध्ययनरत डॉक्टर सचिन माहौर को गिरफ्तार किया था। इस आरोप था कि उक्त डॉक्टर ने एमबीबीएस में दाखिला के नाम पर ठगी है। बाद में उक्त डॉक्टर की जमानत हो चुकी थी।

इस टीम को मिला 40 हजार का इनाम
डीआईजी ने बताया कि बड़ागांव थानाध्यक्ष सुधीर पवार, डीआईजी कार्यालय में पदस्थ एसआई मोहम्मद मतीन खान, उपनिरीक्षक त्रदीप सिंह, एसआई कुलभूषण सिंह, परमेन्द्र सिंह, शिवकुमार, धीरेन्द्र सिंह, प्रहलाद सिंह, करन सिंह, प्रमोद कुमार, पवन कुमार, आकाश, संदीप व रामजी टीम ने अच्छा कार्य किया है। इसलिए उक्त टीम को 40 हजार का इनाम दिया है।