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झाँसी

9 अक्टूब
बुंदेलखंड क्षेत्र से किसी भी तरह का परिवर्तन बर्दाश्त नहीं: भानुसहाय
झाँसी। बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रयागराज को राजधानी बनाकर प्रयागराज मण्डल, कानपुर मंडल एवं मिर्ज़ापुर मण्डल को जोड़कर केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखण्ड राज्य निर्माण किये जाने के बावत समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों का बुंदेलखण्ड निर्माण मोर्चा द्वारा जोरदार विरोध किया जाएगा। अखंड बुन्देलखंड के भौगोलिक क्षेत्र से किसी भी तरह का परिवर्तन बर्दाश्त नही होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद झाँसी, जालौन, ललितपुर, बाँदा, हमीरपुर, महोबा एवं चित्रकूट को मिलाकर हाल ही में बुंदेलखण्ड विकास बोर्ड का गठन किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने जनपद  सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, पन्ना एवं दतिया को मिलाकर बुंदेलखण्ड विकास प्राधिकरण का गठन किया है। उत्तर प्रदेश सरकार वा मध्य प्रदेश सरकार ने जिस क्षेत्र को बुन्देलखण्ड क्षेत्र की मान्यता दी है उसी क्षेत्र को अखंड बुन्देलखण्ड मानकर केंद्र सरकार ने बुन्देलखण्ड पैकेज दिया है जो वर्तमान सरकार द्वारा आज भी व्यय किया जा रहा है।
भानू सहाय ने कहा कि वास्तविक एवं केन्द्र तथा राज्य सरकारों द्वारा घोषित क्षेत्र में कुछ तहसील क्षेत्र और जोड़कर केन्द्र सरकार को शीघ्र बुन्देलखण्ड राज्य का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा के पदाधिकारी 10 अक्टूबर से दो माह के भीतर अखण्ड बुन्देलखण्ड क्षेत्र के वर्तमान एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों सहित समस्त राजनैतिक दलों के अध्यक्ष वा प्रदेश पदाधिकारियों के घर- घर  जाकर अनुरोध करेंगे कि वे प्रधानमंत्री एवं अपने दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिख कर  मांग करें कि बुन्देलखण्ड के निवासियों की भावना के अनुसार उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के क्षेत्र को मिलाकर बुन्देलखण्ड राज्य का निर्माण शीघ्र किया जाये।
छोटे – बड़े चुनाव में प्रत्याशी बुन्देलखंड राज्य निर्माण के भावनात्मक मुद्दे को जोर शोर से उठाकर बुंदेलियों से वोट तो ले लेते है और चुनाव बाद मुद्दे को बिसार कर बुन्देलखण्ड की जनता से छल करते है। हमारा प्रयास होगा कि पूर्व वा वर्तमान जनप्रतिनिधि अब राज्य निर्माण की मांग के साथ खड़े नजर आऐं। जो जनप्रतिनिधि या पदाधिकारी पत्र नहीं लिखेगा उनका सार्वजनिक विरोध किया जाएगा। बुन्देलखण्ड के जनप्रतिनिधियों को अबअपनी स्थिति स्पष्ट करना होगी की वे बुन्देलखंड राज्य निर्माण के समर्थन में खड़े है या विरोध में। कथनी को करनी में परिणित करने का समय आ गया है। इस अवसर पर अशोक सक्सेना एडवोकेट महामंत्री,  वरूण अग्रवाल, हमीदा अंजुम,  रघुराज शर्मा, गिरजाशंकर राय, उत्कर्ष साहू, बंटी द्विवेदी, गोलू ठाकुर कुली नेता , हरवंश लाल,रसीद क़ुरैशी, नरेश वर्मा, प्रेम सपेरा, बृजेश राय,दुष्यन्त सिंह चौहान, जयकरण निर्मोही,रितेश वर्मा, सुनील अहिरवार उपस्थित रहे।
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स्कूलों में सन्नाटा, नदारद रहे बच्चे
—पुष्पेंद्र यादव की मौत के बाद से ही स्कूलों में भारी पुलिस बल तैनात
झाँसी। एरच थाना क्षेत्र के ग्राम करगुवां खुर्द निवासी पुष्पेंद्र यादव की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के बाद गांव में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। भारी पुलिस बल स्कूलों में डेरा डाले हुए हैं और स्कूलों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। दशहरे की छुट्टी के बाद बुधवार को स्कूलों में रौनक लौटनी थी लेकिन मुठभेड़ की घटना के कारण उत्पन्न हालात के कारण स्कूलों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि अध्यापक स्कूल आए और वे पूरे समय तक बैठ कर अपना कार्य करते रहे। 
सूत्रों का कहना है कि माहौल इतना गर्म है कि अभी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना नहीं चाहते हैं। करगुवां खुर्द ही नहीं आसपास के गांव में भी इसी मुठभेड़ की चर्चा हर किसी जुबान पर है। उस पर नेताओं के मृतक के घर आगमन के कारण मामला और भी संवेदनशील हो गया है। बुधवार को भी कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व मंत्री रणजीत सिंह जूदेव ने मृतक के घर जाकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। सूत्रों का कहना है कि अभी स्कूलों में हालात सामान्य होने में समय लग सकता है। क्योंकि जिस तरह से समाजवादी पार्टी द्वारा मामले को तूल दिया जा रहा है उससे मामले का इतनी आसानी से पटाक्षेप होना मुश्किल है। वही दशहरे के अवकाश के बाद स्कूलों में बुधवार को भी चहल पहल नहीं लौट पाई। अनुमान है कि इसी तरह एक-दो सप्ताह का समय गुजर सकता है। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय करगुवां  खुर्द में बच्चे नदारद रहे। सूत्र कहते हैं कि 14 अक्टूबर से बेसिक शिक्षा विभाग की अर्धवार्षिक की परीक्षाओं का आयोजन होना है और अगर तब तक हालात सामान्य नहीं तो अनेक मासूमों की परीक्षा पर भी खतरा मंडरा सकता है।
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घर से भागी किशोरी प्लेटफार्म से पकड़ी
झाँसी। रेल सुरक्षा बल की टीम ने घर से भागी एक किशोरी को स्थानीय रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसे रेलवे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।
रेल सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक मुलायम सिंह मय स्टॉफ के प्लेटफार्म नंबर 2,3 पर गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान महिला कांस्टेबल रचना चाहर की नजर प्लेटफार्म पर घूम रही एक लड़की पर गई। वहां जाकर लड़की को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान लड़की ने अपना नाम किरण निवासी ग्राम जुड़ाईपुर ,जिला बस्ती ,उत्तर प्रदेश बताया। लड़की ने बताया कि मां की डांट के कारण उसने घर छोड़ दिया था। बाद में उक्त लड़की ने घरवालों का मोबाइल नंबर 8423825011 बताया । इस आधार पर आरपीएफ ने परिजनों से वार्तालाप की। बाद में लड़की ने कहा कि वह अपने घर जाना चाहती है | कुछ देर बाद उसे रेलवे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।
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पुष्पेन्द्र मौत प्रकरण: पूर्व मुख्यमंत्री ने मृतक के परिजनों का साथ देने का वादा किया
झाँसी। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश कुमार यादव बुधवार को एरच थाना क्षेत्र के ग्राम करगुंवा खुर्द पहुंचे। यहां पर उन्होंने मृतक पुष्पेन्द्र यादव के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके अलावा मृतक के भाई रविन्द्र यादव व पुष्पेन्द्र की पत्नी से भी वार्तालाप की। पूर्व मुख्यमंत्री ने परिवार से हर संभव मदद के अलावा न्याय मिलने तक साध देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि वह परिवार के साथ है। इस परिवार को उनसे किसी तरह की मदद चाहिए तो वह पूरी तरह से मदद करेंगे। इस मौके पर गरौठा के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव व अन्य लोग उपस्थित रहे।


आम आदमी पार्टी ने सौंपा ज्ञापन, सीबीआई जांच की मांग
पुष्पेंद्र मुठभेड़ के मामले में बुधवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यपाल उत्तर प्रदेश को जिलाधिकारी झाँसी के माध्यम से ज्ञापन सौपते हुये मामले की जॉच सी.बी.आई से करवाने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के नगर अध्यक्ष इरशाद ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जॉच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामले की असलियत क्या हैं। इस दौरान शिवम यादव, कैलाश कुशवाहा, सरना, आदि शामिल रहे।
न्याय नहीं मिला तो कर लूंगी आत्महत्या: शिवांगी
मुठभेड़ में मारे गए पुष्पेन्द्र यादव की पत्नी शिवांगी काफी दुखी है। शिवांगी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय मांगा है। उसका कहना है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लूंगी। उसका कहना है कि उसके पति ने ऐसा क्या किया था कि उसके पति को मार दिया। यदि उसके पति की गलती थी तो पुलिस घर पर फोन करती या फिर उसे जेल भेज देती। मेरे पति का फोन अभी भी पुलिस के पास है। जब हमें न्याय नहीं मिल रहा है तो वह अपने पति का शव कैसे और क्यों लें। यदि शव ले लेते तो पुलिस फ्री हो जाती है। आज वह अंतिम क्षणों में पति की चेहरा नहीं देख पाई है। थानेदार समेत सभी पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।

गांव में पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन के मद्दे नजर छावनी बनाया
बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करगुंवा खुर्द पहुंचने के पहले गांव को पुलिस छावनी बनाया गया है। पुलिस बल हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मृतक का हो या फिर मोंठ समेत आस-पास का इलाका सभी जगह पुलिस बल को तैनात किया गया है। इसके अलावा खुफिया एजेंसी भी सतर्क कर दी गई। करगुंवा पहुंचने वाले लोगों पर भी पुलिस नजर रखे हुए हैं। इसके अलावा मोंठ व गरौठा सर्किल के गावों पर पुलिस की नजर है। यह पता लगाया जा रहा है कि गांव में अफवाह किन-किन लोगों द्वारा फैलाई जा रही है।

सोशल मीडिया व फेसबुक पर कमेंट्स करने वाले खाकी रडार पर
पुष्पेन्द्र की मौत के मामले में शासन काफी गंभीर हो गया है। सोशल मीडिया व फेसबुक पर कमेट्स करने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। कमेट्स करने वाले लोगों के मोबाइल फोन नंबर की गोपनीय स्तर से जांच हो रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इनमें सरकारी व्यक्ति कितने हैं, ताकि ऐसे लोगों को चिन्हित कर लिया जाए। इनमें झाँसी, ललितपुर व जालौन के कुछ लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। यह लोग रडार पर हैं। इसके लिए खुफिया एजेंसी को सतर्क कर दिया गया है। 

ग्रामीणों ने लगाए पुलिस मुर्दाबाद के नारे
घर के अंदर और बाहर भारी पुलिस तैनाती रही। अखिलेश के पहुंचते ही वहां मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाकर पुष्पेंद्र के हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की। पुलिस ने गुस्साए ग्रामीणों को बैरिकेडिंग लगाकर स्थिति को काबू में किया। बताते हैं कि पुष्पेंद्र यादव की मुठभेड़ को लेकर सपा नेता व कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके कारण पूरे जिले में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया। भारी संख्या में पुलिस बल का तैनाती की गई है। विरोध प्रदर्श कर रहे सपा नेताओं पर शांतिभंग करने के आरोप में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राज्यसभा सांसद चंद्रपाल यादव समेत 39 लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। मालूम हो कि शनिवार रात दुस्साहसिक तरीके से मोंठ थाने के इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र सिंह चौहान पर हमला करने के बाद कार लूटकर भागने वाले पुष्पेंद्र यादव को गुरसराय  थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। मौके से उसके दो साथी भाग निकले थे। कार से पुलिस ने दो तमंचे, कारतूस व मोबाइल बरामद किया था। 

भागे आरोपियों की तलाश जारी, एक आरोपी पुलिस अफसर के गनर का है भाई
पुलिस मुठभेड़ में धराशायी हुए पुष्पेन्द्र के बाद पुलिस ने भागे विपिन और रविन्द्र कुमार की तलाश शुरु कर दी है। दोनों के घरों पर पुलिस ने दबिश दी मगर घर पर ताला लगा हुआ है। बताया जा रहा है कि कानपुर जोन में तैनात एक पुलिस अफसर के यहां झाँसी निवासी एक गनर है। वह गनर का भाई है। इसकी सरगर्मी से पुलिस ने तलाश शुरु कर दी है। बताया गया कि 29 सितंबर को बालू से भरा ट्रक बंद किए जाने के विरोध में इंस्पेक्टर पर हमला किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों की घेराबंदी की थी।