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द न्यूज़ यूनिवर्स

झाँसी

10 सितंबर

झाँसी-कानपुर खण्ड का डीआरएम ने किया विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण
झाँसी। मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर द्वारा आज झाँसी मण्डल के झाँसी – कानपुर खंड का गाड़ी स. 12107 लोकमान्य तिलक टर्मिनस- लखनऊ एक्सप्रेस के लोको से फुट प्लेट निरीक्षण अर्थात रेल इंजन से उरई तक  एवं तत्पश्चात पिछली खिड़की से विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया’।  विंडो ट्रेलिंग’ निरीक्षण एक विशेष निरीक्षण होता है जिसमें रेल पथ एवं उसके पास के सभी इंस्‍टालेशनो जैसे सिगनल, ओएचई, प्लेटफॉर्म इत्यादि का चलती हुई गाड़ी मे लगे निरीक्षण यान की पिछली खिड़की से निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान मार्ग में पड़ने वाले स्टेशनों की सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं, राइडिंग क्वालिटी विशेष तौर से प्वॉइंट एवं क्रॉसिंग पर  ट्रैकज्योमेट्री इंडेक्स मे सुधार, ओएचई की स्थि‍ति, झाँसी- कानपुर दूसरी लाईन के निर्माण एवं विद्युतिकरण कार्य की प्रगति, मार्ग के लेवल क्रॉसिंग गेटों की स्थिती, मार्ग में आने वाले माइनर व मेजर ब्रिज आदि का मंडल रेल प्रबंधक  द्वारा अवलोकन किया गया। 

ट्रैक के किनारे से हटेगा अतिक्रममण
निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबन्‍धक ने संबंधित अधिकारियों को ट्रैक के किनारे से स्क्रैप हटाने, ट्रेसपासिंग वाले स्थानों को चिन्हित कर ट्रेसपासरों के विरुद्ध कार्यवाही करने, स्विच एक्सपैंशन ज्वाइंटों, प्वाइंटों, क्रासिंगों एवं यार्डों के अनुरक्षण के स्तर को सुधार करने के निर्देश दिएहैं। साथ ही उन्होंने कहा कि राइडिंग क्वालिटी एवं संरक्षा में सुधार हो सके। मंडल रेल प्रबंधक वापसी में गाड़ी संख्या 11123 से विंडो ट्रेलिंग करते हुए कानपुर से झांसी आये। निरीक्षण के दौरान  मंडल अभियंता/ लाइन सौरभ जैन साथ रहे।
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गंदगी करते पकड़े गए 18 रेलयात्री, वसूला गया 4200 जुर्माना
झाँसी। स्वच्छता पखवाड़े अभियान के तहत मुख्यालय से आई टीम ने स्टेशन परिसर आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंदगी करते 18 रेलयात्रियों को पकड़ लिया। इनसे 4200 जुर्माना वसूला गया।
स्वच्छता पखवाडा के पूर्व झाँसी स्टेशन पर सफाई अभियान चलाया गया। इसके तहत स्टेशन परिसर में बुक स्टाल, कैटरिंग स्टाल, टीटी लॉबी , पार्सल ऑफ़िस, वेटिंग हाल, पे ऐण्ड यूस टॉयलेट, डीलक्स टॉयलेट का निरीक्षण कर सफाई करवाई गई । यात्रियों को सफर में एवं स्टेशन पर सफाई रखने हेतू प्रेरित किया गया। निरीक्षण में मुख्यालय से आये एसीएम वीरेन्द्र सिंह, सीएमआई मुख्यालय आशीष यादव ,सीएमआई झाँसी विनय सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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प्लेटफार्म पर मिले दो किशोर
झाँसी। रेल सुरक्षा बल की टीम ने दो किशोरों को रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। पूछताछ के बाद दोनों को रेलवे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।
रेल सुरक्षा बल के उप निरीक्षक रविन्द्र सिंह राजावत व सहायक उप निरीक्षक विमल कुमार पाण्डे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नं0 04/05 पर गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान दो नाबालिक लड़के बैठे मिले। इन दोनों से स्टेशन पर आने का कारण पूछा गया तो घर से रूठकर भागना बताया। पूछने पर उन्होंने अपना नाम अनुज पटेल व अंकज पटेल ग्राम छाता थाना मऊआईमा जिला प्रयागराज उ0प्र0 बताया। इसकी सूचना मिलते ही रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम थाने पहुंची। पूछताछ के बाद दोनों किशोरों को रेलवे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।
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“दस मोहर्रम – यौमे आशूरा पर करबला के शहीदों को मातमी जुलूस”   
झाँसी। यौमे आशूरा को  “शोहादा-ए-करबला” को खिराजे अक़ीदत पेश करने के ग़मगीन अवसर पर ‘इमाम बारगाह हुसैनी’ मेवाती पुरा में अलविदाई मजलिसे अज़ा हुई। जिसमें सैकड़ों शोकाकुल श्रृध्दालुओं ने शिरकत की। मर्सियाख्वानी में जनाब सरदार हुसैन (बिजनौर) , इं0 काज़िम रज़ा, आबिद रज़ा और साथियों ने “ रोयें न क्यूं कर ग़ुलाम – होगया मोहर्रम तमाम” मर्सिया पढा। संचालन जनाब सैयद ज़फर आलम ने किया।
इस अवसर पर मौलाना  सैय्यद मोहम्मद जोन आब्दी साहब ने कहा कि इमाम हुसैन ने यज़ीद की सेनापति के सामने हिंद (भारत) आने का प्रस्ताव रखा लेकिन उन्हें घेर कर कर्बला लाया गया। ऐसे में भारत के साथ कहीं न कहीं इमाम हुसैन की शहादत का संबंध है- दिल और दर्द के स्तर पर। यही कारण है कि भारत में बड़े पैमाने पर मुहर्रम मनाया जाता है। हम हिंदुस्तानी मोहर्रम को सच के लिये क़ुर्बान हो जाने के जज़्बे से शोकाकुल वातावरण में मनाते हैं।
सैयद शहनशाह हैदर आब्दी ने कहा कि दरअसल इमाम हुसैन की शहादत को किसी एक धर्म या समाज या वर्ग विशेष की विरासत के रूप में क़तई नहीं देखा जाना चाहिए। हमें गर्व है कि हम हिन्दुस्तानी हैं और इमाम हुसैन के “अज़ादार” हैं। इसलिये वर्तमान आतंकवाद, अन्याय, अत्याचार और पक्षपात के विरूध्द सशक्त संघर्ष कर ही करबला के शहीदों को सच्ची श्रृध्दांजली दे सकते हैं। करबला में अलमे मुबारक, ज़ुलजनाह और ताबूत की शबीह पर पुष्पांजली अर्पित कर आचार्य विष्णु गोलवलकर, मौलाना शाने हैदर ज़ैदी, वीरेन्द्र अग्रवाल और सैयद शहंशाह हैदर आबदी ने साम्प्रदायिक सौहार्द की विरासत को आगे बढाया।
इस अवसर मौलाना हैदर अली गाज़ी साहब, मौलाना सैयद फरमान अली साहब, मौलाना सैयद मिक़दाद हुसैन (भोपाल)  ज़ायर सगीर मेहदी, हाजी तकी हसन,  शाकिर अली, मज़हर हसनैन, मोहम्म्द शाहिद, ज़मीर अली, रिज़वान हुसैन, ज़फर हसनैन, समर हसनैन,सैयद कर्रार हुसेन, सलमान हैदर, अस्कर अली, मोहम्मद इदरीस, शाहरुख हुसैन, आसिफ हैदर, दानिश अली, फज़ले अली, नादिर अली, शहज़ादे अली, शाहनवाज़ अली , ताज अब्बास, अता अब्बास, मोहम्मद अब्बास,  रईस अब्बास, सरकार हैदर” चन्दा भाई”, आरिफ गुलरेज़, नजमुल हसन, ज़ाहिद मिर्ज़ा, मज़ाहिर हुसैन, ताहिर हुसैन, ज़ामिन अली, राहत हुसैन, ज़मीर अब्बास, आबिस रज़ा, सलमान हैदर, अली जाफर, अली क़मर, फुर्क़ान हैदर, निसार हैदर “ज़िया”, मज़ाहिर हुसैन, आरिफ रज़ा, इरशाद रज़ा, असहाबे पंजतन, जाफर नवाब, काज़िम जाफर, वसी हैदर, नाज़िम जाफर, नक़ी हैदर, जावेद अली, क़मर हैदर, ज़ामिन अब्बास, ज़ाहिद हुसैन” “इंतज़ार”,अख़्तर हुसैन, नईमुद्दीन, मुख़्तार अली, के साथ बडी संख्या में इमाम हुसैन के अन्य धर्मावलम्बी अज़ादार और शिया मुस्लिम महिलाऐं बच्चे और पुरुष काले लिबास में उपस्थित रहे।