समाचार ,रेलवे व अन्य 10 अगस्त

द न्यूज़ यूनिवर्स

झाँसी

10 अगस्त


झाँसी – आगासोद रेल खंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण
सफाई- व्यवस्था से खुश डीआरएम ने दिया पांच हजार का नगद पुरस्कार 
झाँसी। मंडल रेल प्रबंधक संदीप माथुर ने झाँसी – आगासौद खंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। झाँसी से प्रस्थान कर श्री माथुर ने बिजौली स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के साथ-साथ हेतु नव संस्थापित रेल लाइन, नयी स्टेशन बिल्डिंग तथा रोड अंडर ब्रिज का निरीक्षण किया। इसके उपरान्त बबीना पहुंचकर उन्होंने प्लेटफार्म का निरीक्षण तथा पूर्व सर्कुलेटिंग क्षेत्र का निरीक्षण किया और MCO कार्यालय में उपलब्ध सैन्य अधिकारियों से भी वार्ता की। बबीना स्टेशन पर सफाई-व्यवस्था से प्रसन्न होकर मंडल रेल प्रबंधक द्वारा पांच हजार का नकद पुरस्कार की घोषणा की।
बबीना के निरीक्षण उपरान्त उन्होंने माताटीला स्थित बेतवा पुल का निरीक्षण किया तथा पुल संरक्षण हेतु कार्यरत कर्मचारियों से उनके कार्य कुशलता से सम्बंधित ज्ञान की परख की। बेतवा पुल से प्रस्थान कर ललितपुर स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के साथ-साथ ट्रैक, ओएचई, सिग्नलिंग के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा नयी स्टेशन बिल्डिंग हेतु चल रहे फाउंडेशन कार्य को भी परखा गया। ललितपुर स्टेशन पर हाल ही में प्रारंभ की गयी मैकेनैज्ड क्लीनिंग व्यवस्था का अवलोकन किया तथा मशीनीकृत सफाई व्यवस्था का जायज़ा लिया तथा उक्त व्यवस्था से सफाई में निश्चित सुधार का आश्वासन दिया। गेट संख्या 330 का भी निरीक्षण कर संरक्षा संबंधित उपाय के अनुपालन हेतु निर्देशित किया। आगासोद स्टेशन पहुंचकर उन्होंने फ्लाईओवर ब्रिज का अवलोकन किया तथा अन्य यात्री सुविधाओं का जायज़ा लेते हुए आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ जितेंद्र कुमार, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी विपिन कुमार सिंह, अमित गोयल वरिष्ठ सिग्नल व दूर संचार इंजीनियर, उप इंजीनियर(निर्माण) डी के पाण्डेय, भुवनेश सिंह वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (मध्य) सहित अन्य वरीय अधिकारीगण तथा पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

ऐसा होता है विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण
 “ विंडो ट्रेलिंग’ निरीक्षण” एक विशेष निरीक्षण होता है जिसमें रेल पथ एवं उसके पास के सभी इंस्टांलेशनो जैसे सिगनल, ओएचई, प्लेटफॉर्म इत्यादि का चलती हुई गाड़ी में लगे निरीक्षण यान की पिछली खिड़की से निरीक्षण किया जाता है। इसमें झाँसी- बीना के मध्य तृतीय लाइन की प्रगति के साथ निरीक्षण के दौरान मार्ग मे पड़ने वाले स्टेशनों की सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं, राइडिंग क्वालिटी विशेष तौर से प्वॉइंट एवं क्रॉसिंग पर ट्रैकज्योमेट्री इंडेक्स मे सुधार, ओएचई की स्थि‍ति, मार्ग के लेवल क्रॉसिंग गेटों की स्थिती, मार्ग में आने वाले माइनर व मेजर ब्रिज द्वारा अवलोकन किया जाता है।
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निबंध प्रतियोगिता में दीपक शर्मा को मिला दूसरा स्थान
झाँसी। रेलवे बोर्ड द्वारा उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे, मालीगांव, गोहाटी में आयोजित अखिल भारतीय रेल राजभाषा प्रतियोगिता के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभागिता करते हुए दीपक शर्मा, सी सी आई, झाँसी द्वारा उत्तर मध्य रेलवे की ओर से प्रतिनिधित्व करते हुए द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रधान वित्त सलाहकार, उ. पू. सीमांत रेल तनवीर अहमद, रेलवे बोर्ड कार्यपालक निदेशक (स्थापना) एस पी माही एवं रेलवे बोर्ड निदेशक, राजभाषा वरुण कुमार के द्वारा 4000/- नगद राशि, प्रशस्ति पत्र व शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। उक्त प्रतियोगिता में सभी क्षेत्रीय रेल व उत्पादन इकाइयों द्वारा भाग लिया गया।
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विशेष साप्ताहिक गाड़ी का संचालन
झाँसी। यात्रियो की सुविधा हेतु उत्तर मध्य रेलवे द्वारा विशेष साप्ताहिक गाडी संख्या 04119 इलाहाबाद से डॉ. अम्बेडकरनगर(इंदौर) वाया बांदा, झाँसी, बीना एवं उज्जैन होते हुए प्रत्येक गुरुवार 31 अक्तूबर तक तथा गाडी संख्या 04120 अम्बेडकरनगर से इलाहाबाद प्रत्येक शुक्रवार एक नवंबर तक चलाई जा रही है। इन गाडियों में पर्याप्त संख्या में यात्रियों के लिए सीटें उपलब्ध हैं। यात्रियों से अनुरोध हें तत्काल उक्त गाडियों में अपनी कन्फर्म सीट सुनिश्चित करे तथा अपनी यात्रा को सुखद बनाए।
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कुछ गाड़ियां रहेगी निरस्त
झाँसी। दक्षिण रेलवे, मध्य रेलवे तथा दक्षिण-पश्चिमी रेलवे के कुछ खंडो में हो रही भारी बारिश, जल भराव एवम भू-स्ख्लन के कारण कुछ गाड़ियों का निरस्‍तीकरण, आंशिक निरस्तीकरण एवं मार्ग परिवर्तन किया जा रहा है। 
गाडी संख्या 12781 मैसूर- निजामुद्दीन एक्सप्रेस (प्रारंभिक स्टेशन से यात्रा आरम्भ करने कि तिथि 9 अगस्त ) का मार्ग परिवर्तित किया जा रहा हैं। अब यह गाडी हुबली- गडग-होत्गी – सोलापुर –दौंड होते हुए अपने गंतव्य स्टेशन तक पहुचेगी। वहीं, गाडी संख्या 12617 एर्नाकुलम- हजरत निजामुद्दीन, मंगला सूपरफ़ास्ट एक्सप्रेस (प्रारंभिक स्टेशन से चलने कि तिथि 9 अगस्त )  वल्लतोल नगर तथा हज़रत निजामुद्दीन के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। गाडी संख्या 12625 तिरूअनंतपुरम-नई दिल्ली, केरल सूपरफ़ास्ट एक्सप्रेस (प्रारंभिक स्टेशन से चलने कि तिथि 9 अगस्त ) कायामकुलम तथा नई दिल्ली के मध्य आंशिक रूप से निरस्त रहेगी। गाडी संख्या 12626 नई दिल्ली- तिरूअनंतपुरम, केरल सूपरफ़ास्ट एक्सप्रेस (प्रारंभिक स्टेशन से चलने कि तिथि 12 अगस्त ) को रद्द किया गया है।
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सजा से बचने का नया तरीका
शातिर माफियाओं ने नाबालिगों में ढूंढी कानून की काट, पुलिस के बांधे हाथ
झाँसी। चोरों गिरोहों ने पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए कानून का लाभ उठाते हुए नया रास्ता इजाद कर लिया। अब चोरी, छीनाझपटी, लूट व नकबजनी के लिए नाबालिगों को आगे कर रहे हैं। अपराधियों के इस रास्ते ने पुलिस की मुश्किलें व काम दोनों ही बढ़ा दिया है। एक ओर पुलिस को नाबालिगों को निरुद्ध करने में तमाम सतर्कता बरतनी पड़ती है, वहीं पुलिस नाबालिगों से कड़ाई से पूछताछ भी नहीं कर सकती हैं। ऐसे में चोरों को इसका पूरा लाभ मिल रहा है।

नरमी का उठा रहे लाभ
अपराधी बालकों व किशोरों को सजा में मिलने वाली राहत का हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैँ। बालकों व किशोरों के अपराध करते हुए पकड़े जाने पर उन्हें काफी कम सजा होती है तथा उनसे अपराध करवाने वाले इससे साफ बच निकलते हैं। पुलिस के लिए अपराध रोकना काफी कठिन हो जाता है। पुलिस इसमें कड़ी पूछताछ नहीं कर सकती और न ही रिमांड ले सकती है। चोरी के बाद अपराधी के पकड़े जाने के बाद भी माल बरामदगी में काफी परेशानी होती है।

बालकों को अपराधी बनने से रोकने के लिए कानून
बालकों से लेकर किशोरों तक के लिए अपराध करने पर किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत अलग प्रावधान है। जिसमें उसे अव्यस्क मानकर उसे किशोर अधिनियम के तहत कम सजा देने का प्रावधान है। किशोर का भविष्य खराब न हों तथा वह भविष्य में अपराध के दलदल में न फंस जाए। इसके लिए उसे समझाइश व मौका दिया जाता है। यहां तक की नाम, पहचान भी गुप्त रखी जाती है। बड़े अपराधों में भी उसे काफी कम सजा होती है। ऐसे में उसे बाल सुधार गृह में उसे रखा जाता है।

अधिनियम में सुधार की जरुरत
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम का दुरुपयोग हो रहा है। सख्त कानून के साथ इस अधिनियम में सुधार की आवश्यकता है। अधिनियम का किशोरों में कोई भय नहीं है। ऐसे में उनके द्वारा किए जा रहे गंभीर अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसे किशोरों को सख्त सजा देकर ही अन्य अपराध करने वाले किशोरों को हतोत्साहित किया जा सकता है। ऐसे किशोरों को भी बालिगों की तरह ही दंडित किया जाना चाहिए। बार-बार अपराध करने वाले किशोरों की जमानत नहीं ली जानी चाहिए और उनके माता-पिता, संरक्षक से भी इस आश्य का परिवचन लिया जाना चाहिए कि वो उन पर पूरा नियंत्रण रखेंगे।
घनश्याम दास, अधिवक्ता

इनका कहना है
अपराध के लिए बालकों व किशोरों का सहारा लेकर अपराधी न केवल उन्हें अपराध के दलदल में धकेल रहे हैं, बल्कि स्वयं के बचाव के भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ये चिंताजनक है। पुलिस इस मामले में पूरी सतर्कता से अपराधियों की धरपकड़ कर रही है।
डॉ ओ पी सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक