समाचार , 9 अगस्त

द न्यूज़ यूनिवर्स

झाँसी

9 अगस्त

पुलिस बुलाने की धमकी से क्षुब्ध युवक ने लगा ली फाँसी
झाँसी। पुलिस बुलाने की धमकी से क्षुब्ध एक युवक ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तालौड़ में राहुल कुमार उर्फ रज्जन रहता था। वह  मजदूरी करके अपने परिजनों का भरण पोषण करता था। बीते रोज पड़ोसी के यहां से गेहूं की एक बोरी उठा ली थी। गेहूं की बोरी चोरी करने का शक राहुल पर लगाया गया था। राहुल को घर पर बुलाकर दूसरे पक्ष ने प्रताड़त किया। विपक्षी ने यूपी-100 पुलिस को बुलाने की धमकी दी। इसी बात से वह नाराज हो गया था। वह अपने कमरे में गया और गले में रस्सी का फंदा बांधकर लटक गया। कुछ देर बाद परिजनों की नजर राहुल पर गई। राहुल फाँसी के फंदे पर लटका हुआ था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों से पूछताछ की। बाद में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
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युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
झाँसी। शराब के नशे में धुत एक युवक ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसकी सूचना को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
बबीना थाना क्षेत्र के लुहरयाना मोहल्ले में राजेन्द्र कुमार नामक युवक रहता था। उसके दो बच्चे भी हैं। राजेन्द्र शराब पीने का आदी था। बीती रात वह शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा। इसका परिजनों ने विरोध किया। इसी बात से नाखुश होकर वह कमरे में गया और फाँसी का फंदा लगाकर लटक गया। थोड़ी देर बाद घर के सदस्यों की नजर राजेन्द्र कुमार पर गई। तत्काल राजेन्द्र को फाँसी के फंदे से नीचे उतारा गया। तब तक उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। तत्पश्चात मृतक के परिजनों से वार्तालाप की। बाद में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
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कनिष्ठ शिक्षकों का होगा समायोजन
—समायोजन हेतु शिक्षकों की सूची जारी, बबीना व बड़ागांव ब्लाक के शिक्षकों की भरमार
–10 अगस्त को बीएसए कार्यालय में विकल्प दे सकते हैं शिक्षक
झाँसी। आखिरकार परिषदीय विद्यालयों में  सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के लिए कनिष्ठ शिक्षकों को ही कुर्बानी देनी होगी। तमाम जद्दोजहद के बाद  विभाग ने समायोजन के लिए  कनिष्ठ शिक्षक को  ही  अन्यत्र विद्यालयों में  भेजने का निर्णय लिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार ने  परिषदीय प्राथमिक एवं  पूर्व माध्यमिक विद्यालयों  में समायोजित किए जाने वाले शिक्षकों की सूची जारी करते हुए उन्हें  10 अगस्त को जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में  उपस्थित होकर  विद्यालयों के विकल्प  भरने हेतु  बुलाया है। जो शिक्षक  निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होंगे उन्हें समिति द्वारा विद्यालय आवंटित कर दिया जाएगा।
परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में  शिक्षकों की तैनाती के लिए  छात्र संख्या  को आधार बनाया गया है। छात्र संख्या के आधार पर अनेक विद्यालयों में  शिक्षकों की संख्या अधिक होने के कारण सरप्लस शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में समायोजित करने के लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा आदेश दिए गए थे किंतु समायोजन हेतु स्पष्ट निर्देश ना होने के कारण  भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। सचिव द्वारा जारी निर्देश में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि समायोजन में वरिष्ठ शिक्षक को हटाया जाएगा अथवा कनिष्ठ को। इस पर अनेक जिलों के बीएसए ने सचिव से मार्गदर्शन भी मांगा था लेकिन सचिन ने इसकी जिम्मेदारी जिला स्तरीय  समिति को सौंप दी। स्पष्ट निर्देश ना होने के कारण ही पूर्व निर्धारित तिथि तक प्रदेश में समायोजन की प्रक्रिया संपन्न ही नहीं हो सकी। इस कारण सचिव द्वारा पुनः समायोजन की तिथि बढ़ाई गई और समायोजन प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसी तारतम्य में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिवंश कुमार ने पत्र जारी किया है जिसमें कहा गया है कि छात्र संख्या के आधार आगणित पदों के सापेक्ष कार्यरत अधिक शिक्षकों के समायोजन के लिए कनिष्ठ शिक्षकों की सूची जारी कर दी गई है। जारी सूची के अनुसार पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के 28 शिक्षकों का तथा प्राथमिक विद्यालयों के 18 शिक्षक समायोजित किए जाएंगे।  दिलचस्प बात यह है कि सूची में बबीना व बड़ागांव ब्लाक के शिक्षकों की भरमार है। पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की सूची में बबीना और बड़ागांव ब्लॉक के दस-दस शिक्षकों के नाम शामिल हैं। जबकि बामौर एवं गुरसराय जैसे दूरस्थ ब्लॉक से एक भी शिक्षक का नाम शामिल  नहीं है। इसका मतलब साफ है कि बबीना और बड़ागांव ब्लाक में शिक्षकों की मनमानी और मानक के विपरीत तैनाती की गई है। वहीं दूरस्थ ब्लॉक में स्कूल खाली पड़े रहे और अधिकारी मौन साधे रहे। इससे शिक्षकों की तैनाती में होने वाला खेल स्वयं ही उजागर हो गया है।
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परिजनों की डॉट क्षुब्ध बेटी ने छोड़ा घर
झाँसी। किसी बात से नाराज परिजनों ने बेटी को डॉट दिया। इसी से क्षुब्ध होकर बेटी ने अपना घर छोड़ दिया। यह लड़की स्थानीय रेलवे स्टेशन पर रोते हुए आरपीएफ को मिली। बाद में उसे रेलवे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।
रेल सुरक्षा बल स्टेशन पोस्ट में पदस्थ उपनिरीक्षक राजकुमारी गुर्जर मय स्टॉफ के  झाँसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 4/5 पर गश्त कर रही थी, तभी उनकी नजर दिल्ली छोर पर संदिग्ध हालात रो रही किशोरी पर गई। वहां जाकर किशोरी से पूछताछ की। किशोरी ने अपना नाम उमा (काल्पनिक नाम) निवासी कुंजा ग्राम पीपरा जिला निवाड़ी म0प्र0 बताया। लड़की ने बताया कि घर वालों ने उसे बेवजह डॉट दिया था। इस कारण उसने घर छोड़ दिया और भागकर झाँसी रेलवे स्टेशन आ गई। यहां से वह भागने की फिराक में थी। समझा-बुझाकर उसे थाना लाया गया। इसकी जानकारी रेलवे चाइल्ड लाइन को दी गई। बाद में आरपीएफ ने उक्त लड़की को रेलवे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।

माता-पिता नहीं, इसलिए छोड़ा घर
माता-पिता न होने से दुखी एक किशोर ने अपना घर द्वार छोड़ दिया।इस किशोर को आरपीएफ ने पकड़कर रेलवे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।
आरपीएफ स्टेशन पोस्ट के उप निरीक्षक राजकुमारी गुर्जर मय स्टॉफ के साथ प्लेटफार्म नंबर एक पर गश्त कर रही थी, तभी उनकी नजर मुम्बई छोर पर बैठे एक किशोर पर गई। वहा जाकर किशोर को पकड़ लिया। किशोर ने अपना नाम सुमित निवासी बेस्ट सागर पुरानी दिल्ली बताया। किशोर ने बताया कि उसके माता-पिता इस जिंदगी में नहीं है इसलिए वह फुटपाथ पर लेकर अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहा है। कभी दिल्ली तो कभी राजस्थान में घूमता हूं। बीती रात वह झाँसी रेलवे स्टेशन आ गया। यहां आरपीएफ ने उसे पकड़ लिया। इसकी सूचना रेलवे चाइल्ड लाइन को दी गई। सूचना पर गई रेलवे चाइल्ड लाइन ने उक्त किशोर को अपने कब्जे में ले लिया।
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रोज होगी ट्रेनों और स्टेशनों में चेकिंग
झाँसी। उत्तर मध्य रेलवे के झाँसी मंडल रेलवे में सुरक्षा दुरुस्त करने और 24 घंटे चौकस रहने के निर्देश दिए गए हैं। आगामी त्यौहार और 15 अगस्त के मद्देनजर झाँसी में भी रेलवे पुलिस और रेल सुरक्षा बल अलर्ट मोड में आ गई है।  स्टेशन व ट्रेनों में रोजाना चेकिंग के आदेश आईजी रेलवे और आरपीएफ कमांडेंट ने सुरक्षा कर्मियों को दिए हैं।
बताते हैं कि कुछ दिनों से देश में जारी माहौल व आगामी 15 अगस्त, रक्षाबंधन व अन्य त्यौहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त की जा रही है। हर आने-जाने वालों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। साथ ही झाँसी मंडल व रेंज के अंतर्गत आने वाले सभी छोटे-बड़े स्टेशनों में सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश हैं। इसके पहले जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त बैठक भी हुई है। बैठक में स्टेशन से लेकर ट्रेन तक डॉग व बॉम स्क्वॉड द्वारा पार्सल, यात्री सामान व संदिग्धों की जांच करने को कहा गया है। बीती राज जीआरपी इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने प्लेटफार्म पर अप/डाउन की ट्रेनों को चेक किया। इसके अलावा प्लेटफार्म पर बैठे रेलयात्रियों के सूटकेस व बैगों की तलाशी ली। साथ ही रेलयात्रियों से पूछताछ की गई है।

महानगरों से आने वाली ट्रेन प्रमुख
महानगर जिसमें दिल्ली व मुंबई से आने वाली ट्रेनों में प्रमुखता से जांच करने और उसकी रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। बताते हैं कि इन स्थानों से ट्रेनों में सबसे ज्यादा संदिग्ध व्यक्ति और संदिग्ध सामान होने का अंदेशा रहता है। जिसके लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके साथ ही प्लेटफार्म में प्रवेश करने वाले यात्रियों की जांच, लगेट स्केनर से सामान की जांच अनिवार्य रुप से करने के निर्देश दिए गए हैं।